अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई गति 1 अणे मार्ग से 34 मोबाइल फॉरेंसिक वाहनों का लोकार्पण, हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पटना। अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज 1 अणे मार्ग से 34 मोबाइल फॉरेंसिक वाहनों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मोबाइल फॉरेंसिक वाहन अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं, जिनके माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन और प्राथमिक जांच संभव हो सकेगी। इससे न केवल अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी, बल्कि मामलों के शीघ्र एवं निष्पक्ष निष्पादन में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इन वाहनों के माध्यम से हत्या, लूट, डकैती, यौन अपराध एवं अन्य संगीन मामलों में साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी। समय पर फॉरेंसिक जांच होने से अभियोजन की स्थिति मजबूत होगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर कहा गया कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक और संसाधनों को पुलिस व्यवस्था से जोड़ रही है। मोबाइल फॉरेंसिक वाहन इसी कड़ी का अहम हिस्सा हैं, जो जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम में पुलिस एवं गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में मील का पत्थर बताया और उम्मीद जताई कि इससे आम जनता में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
