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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ा हादसा जदयू सांसद अजय मंडल घायल
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ा हादसा जदयू सांसद अजय मंडल घायल

रिपोर्ट –शयामानंद सिह भागलपुर
भागलपुर में उस समय अपरा -तफरी मच गई, जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भागलपुर के जदयू सांसद अचानक लड़खड़ाकर गिर गए दरअसल आज एक दिवसीय दौरे पर भागलपुर के इंदौर स्टेडियम में चल रहे बैडमिंटन टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे थे उसे कार्यक्रम में सांसद अजय मंडल भी मुख्यमंत्री के साथ चल रहे थे, इसी दौरान इंदौर स्टेडियम में सांसद अजय मंडल अचानक लड़खड़ा कर निचे गिर पड़े इसके बाद वह मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें संभाला और उठाकर बगल में पड़े सोफे पर बिठाया फिर एंबुलेंस को बुलाकर वहां से जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल इलाज के लिए भेज दिया। जहाँ कमर और पैर का एक्स-रे किया गया । इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया है। एक्स-रे रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है बताया जा रहा है कि कमर और पैर में गंभीर चोट लगी है। फिलहाल संसद की हालत स्थिर बताई जा रही है, घटना की सूचना मिलने पर सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचकर संसद का हाल-चाल जाना है, वहीं जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी घटना के बारे में जानकारी ली है
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पटना में ‘गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026’ का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक से गन्ना खेती को मिलेगा नया आयाम
पटना में ‘गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026’ का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक से गन्ना खेती को मिलेगा नया आयाम

पटना। बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पटना के ज्ञान भवन में सोमवार को “गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और देशभर से आए कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सेमिनार का उद्घाटन बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha ने किया। कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Dilip Jaiswal और गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री Sanjay Kumar Jha भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना खेती बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार इसे नई तकनीक, वैज्ञानिक शोध और उद्योग से जोड़कर किसानों के लिए नई संभावनाएं तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार गन्ना उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला साबित होगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार की प्राथमिकता किसानों को मजबूत बनाना है। गन्ना किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन मिले, इसके लिए आधुनिक खेती पद्धति, उन्नत बीज, वैज्ञानिक सिंचाई प्रणाली और बेहतर प्रबंधन तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार में देशभर से आए वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ गन्ना की उन्नत किस्मों, रोग नियंत्रण, जल प्रबंधन और जैविक खेती के विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे बिहार के किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गन्ना उद्योग किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती को अपनाया जाए तो गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं।
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में गन्ना उत्पादन को बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर बीज और नई अनुसंधान पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेमिनार में गन्ना खेती की लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी।उन्होंने कहा कि बिहार में गन्ना किसानों की संख्या बड़ी है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार की कोशिश है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और गन्ना आधारित उद्योगों का भी विकास हो। इसके लिए राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना, एथेनॉल उत्पादन और अन्य औद्योगिक संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
सेमिनार में देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर गन्ना की पैदावार को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और उन्नत बीजों के उपयोग से खेती को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों का भी प्रयोग करें। ड्रिप इरिगेशन, टिश्यू कल्चर पौधे, जैविक उर्वरक और स्मार्ट कृषि तकनीकों के उपयोग से गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। सेमिनार में यह भी चर्चा हुई कि गन्ना आधारित उद्योगों के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में कई तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें गन्ना उत्पादन की उन्नत तकनीक, फसल प्रबंधन, रोग नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है।सेमिनार में बिहार के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने भी अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए। किसानों ने कहा कि अगर उन्हें बेहतर तकनीक और सरकारी सहयोग मिले तो वे गन्ना उत्पादन को और बढ़ा सकते हैं। कई किसानों ने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं और पहल पर भी चर्चा की गई। सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया कि आने वाले समय में गन्ना किसानों के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जा सकती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिले।समारोह के अंत में अधिकारियों ने कहा कि इस सेमिनार के माध्यम से जो सुझाव और विचार सामने आएंगे, उन्हें नीति निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। इससे बिहार के गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा और राज्य में कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैज्ञानिक खेती, तकनीकी नवाचार और उद्योग के सहयोग को सही तरीके से लागू किया जाए तो बिहार गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार–2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो किसानों की समृद्धि और कृषि विकास की नई राह खोलने का प्रयास है।
