आत्मविश्वास से लबरेज़ कस्तूरबा विद्यालय की बेटियाँ – शिक्षा के साथ आत्मरक्षा में भी आगे

जगदीशपुर (भागलपुर) —
सुबह-सुबह योगाभ्यास हो या शाम को आत्मरक्षा (कराटे) का अभ्यास — कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जगदीशपुर की छात्राओं में आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। विद्यालय की बच्चियाँ हर गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लेती हैं और उनके चेहरों पर हर समय आत्मविश्वास की मुस्कान दिखाई देती है।

छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें विभिन्न गतिविधियों और उत्सवों में भाग लेने का भरपूर अवसर दिया जाता है। भोजन, आवासन या अन्य निर्णयों में भी उनकी सहमति ली जाती है, जिससे उनमें नेतृत्व की भावना विकसित हो रही है।

विद्यालय के संचालक आशुतोष चंद्र मिश्र बताते हैं कि, “हमारे सभी बच्चे हर गतिविधि में शत-प्रतिशत सहभागिता करते हैं। इसी का परिणाम है कि वे जिला स्तरीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में चयनित होते हैं और सम्मान भी पाते हैं।”
बिहार दिवस, महिला दिवस जैसे अवसरों पर विद्यालय की छात्राओं ने विशेष उपलब्धियाँ हासिल की हैं। हाल ही में, 8 मार्च को रोशनी कुमारी को महिला एवं बाल विकास विभाग, बिहार द्वारा “नायिका सम्मान” से नवाज़ा गया, जो विद्यालय के लिए गर्व की बात है।

पढ़ाई में भी इन बच्चियों का प्रदर्शन सराहनीय है। हाल की वार्षिक परीक्षा में वर्ग आठ की पाँच छात्राओं ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर प्रथम दस में स्थान पाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे न केवल गतिविधियों में बल्कि अकादमिक स्तर पर भी अग्रणी हैं।
कस्तूरबा विद्यालय जगदीशपुर की यह कहानी न केवल शिक्षा के अधिकार बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की मिसाल भी बनती जा रही है।
