आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: पांच आरोपी गिरफ्तार, करीब 9.95 लाख रुपये की कीमती वस्तुएं और गांजा बरामद

मालदा, 07 मार्च।
रेलवे परिसरों और ट्रेनों में अपराध तथा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मालदा मंडल ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी के उपकरण और मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य करीब 9 लाख 95 हजार रुपये बताया गया है।
यह कार्रवाई मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और आरपीएफ के मंडल सुरक्षा आयुक्त अशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में 6 मार्च को चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान की गई। आरपीएफ की इस कार्रवाई को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसरों में अपराध पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान आरपीएफ के जवानों ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान यह पता चला कि ये सभी लोग यात्रियों की संपत्ति की चोरी में शामिल थे।
तलाशी के दौरान उनके पास से सोने और चांदी के आभूषण, कई मोबाइल फोन, नकदी और चोरी करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद किए गए। इनमें ब्लेड, चाकू, प्लायर, कटर और स्क्रूड्राइवर जैसे औजार शामिल हैं। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बरामद आभूषण, मोबाइल फोन और अन्य सामान का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 7 लाख 60 हजार रुपये है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। ये लोग भीड़भाड़ वाले स्टेशनों और ट्रेनों में मौका देखकर यात्रियों के बैग, जेब और कीमती सामान चुरा लेते थे। आरपीएफ की सतर्कता के कारण इस गिरोह का पर्दाफाश हो सका।
इसी दिन आरपीएफ ने ऑपरेशन नार्कोस के तहत एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। मालदा के आरपीएफ क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच के अधिकारी और कर्मचारी आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के साथ मिलकर तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग अभियान चला रहे थे। इस दौरान ट्रेन संख्या 13032 जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस के एक जनरल कोच की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कोच में एक संदिग्ध लावारिस बैग मिला। जब आरपीएफ कर्मियों ने बैग को खोलकर जांच की तो उसके अंदर चार पैकेट पाए गए। जांच में पता चला कि इन पैकेटों में गांजा भरा हुआ है। बरामद गांजा का कुल वजन लगभग 4.7 किलोग्राम बताया गया है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 35 हजार रुपये है। यह मादक पदार्थ किसके द्वारा ट्रेन में रखा गया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल बैग को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि दोनों अभियानों में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही बरामद सभी वस्तुओं को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित जीआरपी को सौंप दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं, ताकि अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
मालदा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ लगातार रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में निगरानी बढ़ा रही है। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी जवानों को तैनात किया जाता है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि उन्हें स्टेशन या ट्रेन में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना आरपीएफ या रेलवे प्रशासन को दें। इससे अपराधियों पर नियंत्रण करने में काफी मदद मिल सकती है।
आरपीएफ की इस कार्रवाई को यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि रेलवे सुरक्षा बल लगातार सतर्क है और रेलवे परिसरों को अपराध मुक्त बनाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्भय वातावरण में यात्रा करने की सुविधा मिल सके। वहीं गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के अन्य मामलों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरपीएफ की इस कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि रेलवे परिसरों में चोरी और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और यात्रियों का रेलवे प्रशासन पर भरोसा और मजबूत होगा।
