एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर बांका में समीक्षा बैठक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

बांका (बिहार): Banka जिले में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा आम उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मिनी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैस एजेंसी संचालकों, संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा आपूर्ति से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना, उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना तथा शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था। जिला पदाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि एलपीजी गैस आम लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से गैस एजेंसियों की जांच करें और वितरण प्रणाली की निगरानी करें।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि कई बार उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति नहीं हो पाती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी एजेंसियां अपनी डिलीवरी प्रणाली को सुदृढ़ करें और यह सुनिश्चित करें कि बुकिंग के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध हो जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गैस वितरण से संबंधित सभी आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से संधारित किया जाए।
जिला पदाधिकारी ने आमजन से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और इसके लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से उपभोक्ताओं से फीडबैक लें और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में काम करें।
बैठक के दौरान उज्ज्वला योजना के लाभुकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में बड़ी संख्या में लोगों को इस योजना का लाभ मिला है, लेकिन कुछ स्थानों पर अभी भी लोगों को नियमित रूप से गैस नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना के सभी लाभुकों को समय पर गैस उपलब्ध हो और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। कई दूरदराज के इलाकों में अभी भी डिलीवरी में देरी होती है, जिसे सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें और वहां विशेष व्यवस्था के तहत गैस आपूर्ति सुनिश्चित करें।
बैठक में सुरक्षा मानकों पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि गैस सिलेंडर के उपयोग में सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए एजेंसियां उपभोक्ताओं को समय-समय पर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव या अन्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए और लोगों को सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
इसके अलावा, बैठक में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने कहा कि तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुलभ बनाया जा सकता है। उन्होंने एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि प्रक्रिया सरल और तेज हो सके।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंसी संचालकों से कहा कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और कार्यों की प्रगति की निगरानी की जाएगी।
इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिला प्रशासन आमजन की सुविधाओं को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। एलपीजी गैस जैसी आवश्यक सेवा की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, Banka में आयोजित यह बैठक जिले की गैस वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास भी और मजबूत होगा।
