कटिहार के सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज पर भाजपा नेता का कब्जा, जनसुराज पार्टी ने उठाया सवाल
संवाददाता – संजीव कुमार शर्मा, भागलपुर

कटिहार स्थित सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जनसुराज पार्टी ने इस कॉलेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल द्वारा वर्षों से किए जा रहे कथित अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है।
भागलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में जनसुराज पार्टी के जिला प्रवक्ता बाबुल विवेक ने इस मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह कॉलेज मेडिकल शिक्षा का केंद्र है, लेकिन इसे वर्षों से एक राजनीतिक संरक्षण के तहत दबोच कर रखा गया है।
प्रवक्ता बाबुल विवेक ने दावा किया कि यह कब्जा उस समय से चला आ रहा है जब राज्य में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब वे ‘सुशासन’ की बात करते हैं, तो ऐसे मामलों में चुप्पी क्यों साध लेते हैं? उन्होंने कहा, “यह किस तरह का सुशासन है, जहां शिक्षा का मंदिर ही कब्जे में हो?”
जांच में मिलीभगत का आरोप
प्रवक्ता ने यह भी सनसनीखेज दावा किया कि इस मामले की जांच कटिहार के तत्कालीन एसपी को सौंपी गई थी, लेकिन जांच निष्पक्ष नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी की पत्नी को इसी कॉलेज से मेडिकल डिग्री प्रदान कर दी गई, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जनसुराज पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि इस मुद्दे पर सरकार चुप्पी साधती है, तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि सत्ता में बैठे लोग खुद भी इसमें कहीं न कहीं शामिल हैं या फिर संरक्षण दे रहे हैं।
बाबुल विवेक ने कहा कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो जनसुराज पार्टी जनांदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगी।
प्रमुख मांगें –
- सिख माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज की संपत्ति और प्रशासन पर हो रही अवैध गतिविधियों की निष्पक्ष जांच।
- भाजपा नेता दिलीप जायसवाल की भूमिका की सीबीआई या न्यायिक जांच।
- मेडिकल शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने के लिए ठोस नीति और कानून का निर्माण।
“शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र पर कब्जा करना लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए खतरनाक है। हम इसे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
– बाबुल विवेक, जिला प्रवक्ता, जनसुराज पार्टी, भागलपर
