कटिहार में शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, दो गिरफ्तार

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत कटिहार मद्य निषेध टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय शराब तस्करों के खिलाफ सघन कार्रवाई करते हुए मद्य निषेध विभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अवैध शराब के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय तस्करी गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
सीमावर्ती क्षेत्र में टोटो से शराब तस्करी का खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मद्य निषेध विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कदवा थाना क्षेत्र के बाधवा बाड़ी पुल के समीप टोटो वाहन के माध्यम से चुलाई शराब की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान एक संदिग्ध टोटो वाहन को रोका गया। जब वाहन की जांच की गई तो उसमें छिपाकर रखी गई 10 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद हुई। मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उनकी पहचान कुम्हरी गांव निवासी मनोज कुमार मंडल और रविन्द्र कुमार के रूप में हुई।
दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये लोग सीमावर्ती इलाकों से शराब लाकर स्थानीय स्तर पर खपाने का काम करते थे। टोटो जैसे छोटे वाहनों का इस्तेमाल कर ये पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते थे।
रेलवे मार्ग बना तस्करी का नया रास्ता
इसी बीच मद्य निषेध विभाग की एक अन्य टीम ने रेलवे मार्ग से हो रही शराब तस्करी को रोकने के लिए कटिहार जंक्शन पर विशेष तलाशी अभियान चलाया। प्लेटफॉर्म संख्या 07 पर खड़ी ट्रेन संख्या 55707 के जनरल बोगी में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर टीम ने बोगी की गहन जांच की।
तलाशी के दौरान बोगी में लावारिस हालत में रखे गए बैग और पैकेटों से कुल 31.800 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। हालांकि मौके पर कोई तस्कर नहीं मिला, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि पुलिस की सक्रियता की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है तथा अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह तस्करी किसी संगठित गिरोह द्वारा की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों और रेलवे मार्ग का उपयोग कर जिले में शराब पहुंचाने की कोशिश लगातार की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार—
छोटे वाहनों जैसे टोटो का उपयोग स्थानीय वितरण के लिए किया जा रहा है
ट्रेन के जनरल बोगी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर शराब लाने के लिए किया जा रहा है
शराब को लावारिस सामान की तरह रखकर निगरानी से बचने की रणनीति अपनाई जा रही है
इस तरह की रणनीति से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अब पारंपरिक तरीकों के बजाय नए रास्ते तलाश रहे हैं।
मद्य निषेध विभाग का सख्त रुख
इस कार्रवाई के बाद मद्य निषेध विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने कहा कि—
“शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
अधिकारियों ने यह भी बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी और कड़ी की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ाई जाएगी चौकसी
इस घटना के बाद पुलिस एवं मद्य निषेध विभाग ने स्थानीय थानों को अलर्ट कर दिया है। खासकर सीमावर्ती गांवों और ग्रामीण सड़कों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चलाने की भी योजना बनाई गई है। इसके अलावा—
संदिग्ध वाहनों की जांच
रात्री गश्त में वृद्धि
खुफिया तंत्र को सक्रिय करना
जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
समाज से सहयोग की अपील
मद्य निषेध विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। विभाग का मानना है कि जन सहयोग से ही इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं ट्रेन से बरामद शराब मामले में अज्ञात तस्करों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और रेलवे स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब किस स्टेशन से लोड की गई थी।
