कहलगांव व्यवहार न्यायालय में नई सुविधाओं की सौगात, 9 ई-सेवा केंद्रों का शुभारंभ

भागलपुर,
न्यायिक व्यवस्था को सशक्त, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संगम कुमार साहू ने कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में नवनिर्मित एमेनिटी बिल्डिंग और हाजत भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया में स्थापित कुल 9 ई-सेवा केंद्रों का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया गया।
लोकार्पण समारोह में पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, भागलपुर के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति सुनील दत्त मिश्रा, रोहतास के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति पार्थ सारथी, जमुई के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान, शेखपुरा के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति सौरेन्द्र पांडे, बांका के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति रितेश कुमार, शिवहर के इंस्पेक्टिंग जज न्यायमूर्ति अंशुल सहित कई अन्य न्यायाधीशगण और उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कहलगांव में आयोजित मुख्य समारोह में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भागलपुर श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री शैलेंद्र सिंह तथा व्यवहार न्यायालय के प्रथम एवं द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश समेत कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
नवनिर्मित एमेनिटी बिल्डिंग के माध्यम से न्यायालय परिसर में वादियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। वहीं हाजत भवन के निर्माण से सुरक्षा व्यवस्था और अभियुक्तों के सुरक्षित आवागमन में सुविधा होगी, जिससे न्यायालय की कार्यप्रणाली और अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।
ई-सेवा केंद्रों से बढ़ेगी पारदर्शिता
कार्यक्रम के दौरान व्यवहार न्यायालय भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया में कुल 9 ई-सेवा केंद्रों का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया। इन केंद्रों के माध्यम से वादियों को केस की स्थिति, आदेश की प्रति, फाइलिंग संबंधी जानकारी और अन्य न्यायिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से प्राप्त होंगी। इससे लंबी कतारों और अनावश्यक दौड़-भाग से राहत मिलेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।
न्यायपालिका के प्रति बढ़ेगा विश्वास
मुख्य न्यायाधीश श्री संगम कुमार साहू ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायालयों में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण समय की आवश्यकता है। नई भवन संरचनाओं और डिजिटल सुविधाओं से न्यायालय की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा आम जनता को बेहतर अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि न्याय को सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना न्यायपालिका की प्राथमिकता है और इस दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि नई सुविधाएं वादियों और अधिवक्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई हैं। इससे न्यायमंडल में आमजन की सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी और न्याय प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
भागलपुर न्यायमंडल के लिए नई उम्मीद
न्यायिक ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में उठाया गया यह कदम भागलपुर न्यायमंडल के लिए नई ऊर्जा और नई उम्मीद लेकर आया है। न्यायालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से न केवल न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।
