जगदीशपुर अंचल अधिकारी पर रिश्वतखोरी का आरोप, विस्थापितों से जमीन के बदले मांगी जा रही घूस

रिपोर्ट — शयामानंद सिंह, भागलपुर | Timesbihar News
भागलपुर:
जिले में विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जगदीशपुर अंचल कार्यालय के अधिकारी व कर्मी मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करते हुए विस्थापित परिवारों से घूस की मांग कर रहे हैं। इन परिवारों से कथित रूप से 15 से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा विस्थापितों को पुनर्स्थापित करने का निर्देश पहले ही जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दिया गया था। इसके बावजूद जगदीशपुर अंचलाधिकारी पर आरोप है कि वह और उनके अधीनस्थ कर्मचारी इस आदेश को दरकिनार करते हुए जरूरतमंद परिवारों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद गुप्ता के पास कई पीड़ित पहुंचे। शंकर प्रसाद गुप्ता ने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए कहा, “यह अत्यंत शर्मनाक है कि जो लोग बमुश्किल अपने परिवार का पेट पालते हैं, उनसे उनके कानूनी हक के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी 10 दिनों में विस्थापितों की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो समिति के नेतृत्व में जगदीशपुर अंचल कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
एक पीड़ित महिला ने भावुक होकर बताया, “हम दूसरों के घरों में चौका-बर्तन कर किसी तरह जीवन यापन करते हैं। अंचल कार्यालय के कर्मचारी हमसे घर बुलाकर पैसे मांगते हैं। इतने पैसे कहां से लाएं?”
अब देखना यह होगा कि भागलपुर के वरीय प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या गरीब विस्थापितों को उनका हक मिलेगा, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दब जाएगा?
