जगदीशपुर अंचल कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारी नदारद, सूचना केंद्र बना शोपीस


जगदीशपुर | संवाददाता

जगदीशपुर अंचल कार्यालय की कार्यशैली से आमजन त्रस्त हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित अनुपस्थिति के कारण लोगों को जरूरी सरकारी कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार द्वारा जनता की सुविधा के लिए प्रखंड स्तर पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना करोड़ों रुपये की लागत से की गई थी, ताकि सभी सेवाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हो सकें। लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था मात्र दिखावा बनकर रह गई है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जगदीशपुर प्रखंड स्थित सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र में अंचल कार्यालय का संचालन लगभग ठप हो चुका है। अंचलाधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी नियमित रूप से वहां उपस्थित नहीं रहते। हैरानी की बात यह है कि अंचल कार्यालय को भागलपुर नगर निगम के पोषक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, फिर भी कार्यालय में न तो अधिकारी मिलते हैं, न कर्मचारी।

पूर्व में यह कार्य कचहरी परिसर स्थित कैंप कार्यालय से होता था, लेकिन सूचना केंद्र के निर्माण के बाद उसे वहीं स्थानांतरित किया गया था। अब फिर से अधिकारी व कर्मचारी उसी कैंप कार्यालय में समय बिता रहे हैं, जबकि सूचना केंद्र में जनता को सिर्फ ताले और खाली कुर्सियाँ देखने को मिलती हैं।

लोगों का कहना है कि यह स्थिति कई सप्ताहों से बनी हुई है। वे दिनभर चक्कर लगाते हैं, लेकिन काम नहीं हो पाता। कोई सुनवाई नहीं होती और ना ही कोई जवाबदेही दिखती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि सूचना केंद्र पर पहुंचने वाले कई ग्रामीण सुबह से शाम तक इंतजार करते रहते हैं, लेकिन कोई अधिकारी नहीं मिलता।

इस संबंध में जब अंचलाधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन इस स्थिति का संज्ञान ले और अंचल कार्यालय को पुनः सुसंगठित व जवाबदेह बनाते हुए नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराए।

प्रशासन की यह उदासीनता न सिर्फ सरकारी संसाधनों की अनदेखी है, बल्कि यह जनता के अधिकारों का भी उल्लंघन है। लोगों की उम्मीद अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

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