जगदीशपुर अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मियों की लापरवाही से जनता बेहाल

जगदीशपुर (संवाददाता)।
जगदीशपुर अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति से आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यों के लिए दफ्तर का चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें समाधान नहीं मिल रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अंचल कार्यालय के अंतर्गत विभिन्न पंचायतों के लिए कुल आठ राजस्व कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। लेकिन हकीकत यह है कि इक्का-दुक्का कर्मचारी ही कभी-कभार कार्यालय आते हैं, बाकी अधिकांश फील्ड वर्क के नाम पर दफ्तर से नदारद रहते हैं। स्थिति यह है कि जाति, आवासीय, ओबीसी प्रमाण पत्र, जमाबंदी, म्यूटेशन और परिमार्जन जैसे जरूरी कार्य लंबित पड़े हैं।
कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि जब वे किसी काम से राजस्व कर्मचारी को खोजते हुए दफ्तर आते हैं तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि कर्मचारी “क्षेत्र भ्रमण” पर गए हैं। लेकिन यह नहीं बताया जाता कि किस क्षेत्र में गए हैं, ताकि आमजन वहां जाकर अपना कार्य निपटा सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से यही स्थिति बनी हुई है। अभियान हो या नियमित कार्य, कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं रहते और क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता दिखाई नहीं देती। दर्जनों पंचायतों से आए लोगों ने आज फिर दफ्तर में राजस्व कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर नाराज़गी जताई।
लोगों का कहना है कि बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी काम न होने से वे निराश हो चुके हैं। अब सवाल यह है कि अंचलाधिकारी सतीश कुमार इस लापरवाही पर कब तक आंख मूंदे रहेंगे और क्या वे राजस्व कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा संज्ञान लेकर स्थिति में सुधार ला पाएंगे या नहीं।
