जहानाबाद में पॉक्सो अधिनियम एवं बाल अधिकारों पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन

जहानाबाद।
बाल अपराधों की रोकथाम और बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जहानाबाद जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। दिनांक 07 फरवरी 2026 को ग्राम प्लेक्स भवन में पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद के नेतृत्व में “पॉक्सो अधिनियम एवं बाल अधिकारों पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के कर्मियों को Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act की बारीकियों से अवगत कराना तथा बाल पीड़ितों के प्रति संवेदनशील और कानूनी रूप से सशक्त कार्यवाही को सुनिश्चित करना रहा।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पीड़ित बच्चे के मानसिक, सामाजिक और कानूनी संरक्षण की जिम्मेदारी भी पुलिस की होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पॉक्सो मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से लेकर अनुसंधान, साक्ष्य संकलन, मेडिकल जांच, चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालय में सशक्त प्रस्तुति तक प्रत्येक चरण में तय समय-सीमा और विधिक प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित बच्चे से पूछताछ के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए तथा महिला पुलिस पदाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), जिले के विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी, पॉक्सो से संबंधित नामित पदाधिकारी, चाइल्ड वेलफेयर से जुड़े अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को पॉक्सो अधिनियम की धाराओं, संशोधनों, दंड प्रावधानों तथा बाल अधिकारों से संबंधित राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के साथ यौन शोषण, यौन उत्पीड़न, अश्लीलता और ऑनलाइन अपराध जैसे मामलों में कठोर दंड का प्रावधान है। साथ ही, पीड़ित की पहचान गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि बाल पीड़ितों के मामलों में बाल मित्र थाना की अवधारणा को व्यवहार में लाना अत्यंत आवश्यक है। थानों में ऐसा वातावरण बनाया जाए जिससे बच्चा भयमुक्त होकर अपनी बात रख सके। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि थानों में कार्यरत सभी कर्मियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाए और पॉक्सो से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों को यह भी जानकारी दी गई कि पॉक्सो अधिनियम के मामलों में समन्वय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तथा न्यायिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल से ही पीड़ित बच्चों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सकता है।
कार्यशाला में केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया गया कि अनुसंधान के दौरान किन सामान्य त्रुटियों से बचना चाहिए। वक्ताओं ने बताया कि साक्ष्यों के अभाव या तकनीकी खामियों के कारण कई मामलों में आरोपी को लाभ मिल जाता है, जिससे पीड़ित और उसका परिवार न्याय से वंचित रह जाता है। ऐसे में प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करे।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समाज में बच्चों के प्रति अपराधों को रोकने के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी अहम भूमिका है। उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या शोषण की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
कार्यशाला के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा जताई कि वे यहां प्राप्त ज्ञान और निर्देशों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में इस प्रकार की कार्यशालाएं आगे भी आयोजित की जाती रहेंगी।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर Bihar Police, Home Department, Government of Bihar, Range IG, Gaya तथा Information & Public Relations Department, Government of Bihar के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यशाला को उपस्थित अधिकारियों ने अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
