जेएलएनएमसीएच में इलाज में लापरवाही का आरोप, युवती की मौत के बाद परिजनों का हंगामा

भागलपुर, 24 फरवरी 2026
भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में मंगलवार को इलाज में कथित लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 25 वर्षीय पूजा कुमारी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा अस्पताल के मुख्य गेट को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया।
इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर अफरातफरी का माहौल बन गया। मुख्य द्वार जाम होने के कारण एंबुलेंस, मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हुईं और अस्पताल आने-जाने वाला आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
चार दिनों से चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार पूजा कुमारी पिछले चार दिनों से जेएलएनएमसीएच में भर्ती थीं। इस दौरान वे लगातार डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से समुचित इलाज की मांग करते रहे। मृतका के पति ओमकार देव ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उनकी पत्नी की स्थिति गंभीर बनी रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई।
परिजनों का कहना है कि वे बार-बार वार्ड और ओपीडी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों पर समुचित ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण पूजा कुमारी की हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद मृतका के पति ओमकार देव एवं अन्य परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को समय पर और समुचित इलाज नहीं मिल पाता।
परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहते हैं, तो मरीजों की देखभाल में इस प्रकार की लापरवाही क्यों होती है। उनका कहना था कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पूजा कुमारी को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी।
अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन
मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी।
इस दौरान अस्पताल परिसर में आने-जाने वाली एंबुलेंस और मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में विलंब हुआ, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन जाम हटाने के लिए तैयार हुए। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद करीब एक घंटे बाद आवागमन सामान्य हो सका।
आधिकारिक बयान का इंतजार
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार घटना की जांच की बात कही जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर यह भी संकेत मिले हैं कि पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई की मांग
मृतका के परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो संभवतः पूजा कुमारी की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की भी मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ इस प्रकार की घटना न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ती चिंता
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों में बेहतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
घटना ने न केवल परिजनों को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि आम लोगों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा जांच के आश्वासन के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
