निर्मली विद्युत शक्ति उपकेंद्र का ऊर्जा सचिव ने किया निरीक्षण, 31 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य पूरा करने का निर्देश

सुपौल। राज्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग लगातार बिजली तंत्र की निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में दिनांक 10 मार्च 2026 को ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह (आईएएस) ने सुपौल जिले के विद्युत आपूर्ति प्रमंडल राघोपुर अंतर्गत निर्मली स्थित विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र की तकनीकी व्यवस्था, उपकरणों की स्थिति, रख-रखाव कार्य और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों के साथ बैठक कर विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे सातों दिन निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध हो। इसके लिए बिजली ढांचे का सुदृढ़ होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपकेंद्र और इससे जुड़े फीडरों के सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्य 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए ताकि गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने निरीक्षण के दौरान विद्युत शक्ति उपकेंद्र में लगे ट्रांसफार्मर, स्विचगियर, कंट्रोल पैनल, केबलिंग व्यवस्था तथा सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से मेंटेनेंस कार्य की प्रगति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करने वाली किसी भी तकनीकी खामी को तत्काल दूर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित निरीक्षण और समय पर रख-रखाव अत्यंत आवश्यक है। यदि मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किया जाता है तो उपकरणों में खराबी आने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी अभियंताओं और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ऊर्जा सचिव को बताया कि निर्मली विद्युत शक्ति उपकेंद्र से आसपास के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां से जुड़े विभिन्न फीडरों के माध्यम से हजारों उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में इस उपकेंद्र की कार्यक्षमता और सुचारू संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि मेंटेनेंस कार्य तेजी से चल रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसे जल्द से जल्द बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिले। इसके लिए बिजली वितरण व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। बिजली उपकेंद्रों के आधुनिकीकरण, नए उपकरणों की स्थापना और पुराने उपकरणों के समय पर मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ऊर्जा सचिव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि उपकेंद्र परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर अभियंताओं के साथ विस्तार से चर्चा की और आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए विभाग लगातार नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है।
ऊर्जा सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बिहार के सभी जिलों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत और विश्वसनीय बने। इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और जहां भी आवश्यकता होती है वहां सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और स्थानीय विद्युत कर्मी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मेंटेनेंस कार्य पूरा कर रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराएं।

ऊर्जा विभाग के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए गंभीर है और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि निर्मली विद्युत शक्ति उपकेंद्र की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवा मिल सकेगी।

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