पटना में खनन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध सफेद बालू से जुड़े 9 ट्रैक्टर और एक भंडारण जब्त

पटना। बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनन विभाग ने पटना जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सफेद बालू के कारोबार पर शिकंजा कसा है। छापेमारी अभियान के दौरान विभाग की टीम ने अवैध बालू परिवहन में लगे 9 ट्रैक्टरों को जब्त किया, जबकि एक अवैध भंडारण स्थल का भी खुलासा किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन और बालू कारोबार में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पटना जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। विभाग को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग अवैध रूप से सफेद बालू का खनन कर उसे ट्रैक्टरों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा अवैध रूप से बालू का भंडारण भी किया जा रहा था, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अवैध बालू लदे 9 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया। जब्त किए गए सभी ट्रैक्टरों को संबंधित थाने में सुपुर्द कर दिया गया है। इसके साथ ही एक अवैध भंडारण स्थल को भी चिन्हित कर वहां रखे बालू को जब्त करने की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं, उनके खिलाफ खनन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध भंडारण करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिहार सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अवैध खनन के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के निर्देश पर राज्य में खनन गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। सरकार का मानना है कि अवैध खनन न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे सरकार को राजस्व की भी भारी क्षति होती है।
राज्य सरकार ने खनन से जुड़े नियमों को और सख्त करते हुए जिला स्तर पर नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में पटना जिले में यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे और अवैध खनन में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उपमुख्यमंत्री एवं खनन विभाग से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहे Vijay Kumar Sinha ने भी अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और जो भी लोग अवैध खनन या बालू के अवैध कारोबार में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई बार अवैध खनन करने वाले लोग नदी तटों से बिना अनुमति बालू निकालकर उसे आसपास के इलाकों में बेच देते हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि नदी के प्रवाह और आसपास के भू-भाग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि सरकार ने इस पर कड़ी निगरानी शुरू की है।
पटना जिले में की गई इस कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने कई स्थानों पर जांच-पड़ताल भी की। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली और यह पता लगाने की कोशिश की कि अवैध खनन और बालू परिवहन में किन-किन लोगों की भूमिका है। विभाग का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

खनन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध खनन या बालू के अवैध परिवहन की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। विभाग का कहना है कि लोगों के सहयोग से ही इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध खनन पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इससे पर्यावरण और नदी तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान काफी महत्वपूर्ण है। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा होगी, बल्कि सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

पटना जिले में हुई इस कार्रवाई के बाद खनन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीम समय-समय पर विभिन्न जिलों में छापेमारी कर अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों का खुलासा करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में खनन गतिविधियां पूरी तरह से नियमों के अनुसार संचालित हों। इसके लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है।

पटना में अवैध सफेद बालू के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को सरकार की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि बिहार में अवैध खनन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस कारोबार में शामिल लोगों पर लगातार कार्रवाई होती रहेगी।

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