पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह का भव्य स्वागत, अंगवस्त्र भेंट कर किया अभिनंदन

पूर्णिया, बिहार। देश के यशस्वी एवं लोकप्रिय गृह मंत्री Amit Shah के बिहार आगमन पर सीमांचल की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरती पूर्णिया में उनका भव्य स्वागत किया गया। मां पूरण देवी की पावन भूमि पर पहुंचे गृह मंत्री का स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने अंगवस्त्र भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया।
गृह मंत्री के आगमन को लेकर पूर्णिया में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जैसे ही अमित शाह का काफिला कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा, समर्थकों ने जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया। पारंपरिक अंगवस्त्र ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया गया, जो मिथिला एवं सीमांचल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने कहा कि गृह मंत्री का यह दौरा बिहार के विकास और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत संरचना, सुरक्षा व्यवस्था और विकास योजनाओं को नई गति मिली है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने गृह मंत्री के प्रति अपनी आस्था और समर्थन व्यक्त करते हुए “नया बिहार” के संकल्प को आगे बढ़ाने का भरोसा जताया।
अपने संबोधन में नेताओं ने कहा कि बिहार आज विकास की नई राह पर अग्रसर है और केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में बदलाव की प्रक्रिया तेज हुई है। सीमांचल क्षेत्र, जो लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रतीक्षा कर रहा था, अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अमित शाह का स्वागत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार में बुनियादी सुविधाओं, उद्योग, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। स्वागत समारोह के दौरान पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेता नजर आया।
गृह मंत्री के इस दौरे को लेकर एनडीए समर्थकों में विशेष उत्साह देखा गया। नेताओं ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में बिहार विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
पूर्णिया की धरती से उठी यह स्वागत की भावना पूरे बिहार में राजनीतिक ऊर्जा और विकास के नए संदेश के रूप में देखी जा रही है।
