प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में ‘सुरक्षित शनिवार’ के तहत आग व बिजली से बचाव की दी गई जानकारी

भागलपुर/संवाददाता।
प्रखंड क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में शनिवार को मुख्यमंत्री सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को आग लगने की स्थिति तथा विद्युत स्पर्शाघात से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को आपदा के समय खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों की मदद करने के तरीके सिखाए गए। विद्यालय परिसर में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मॉक ड्रिल के जरिए आग से बचाव की तकनीकों का अभ्यास भी किया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय में बाल संसद की बैठक से हुई, जिसमें बच्चों को आपदा प्रबंधन के महत्व के बारे में बताया गया। इसके बाद पियर लीडरों के साथ बैठक कर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई कि वे अपने साथियों को भी आपदा से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान बैगलेस डे का भी आयोजन किया गया, जिससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो सके।
विद्यालय के फोकल शिक्षक एवं बाल प्रेरकों ने छात्रों को बताया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए जागरूकता और सही समय पर सही निर्णय लेना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के निर्देश पर प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें बच्चों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव और प्रबंधन की जानकारी दी जाती है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले महत्वपूर्ण उपायों के बारे में बताया गया। मॉक ड्रिल के माध्यम से छात्रों ने यह सीखा कि यदि किसी व्यक्ति के कपड़ों में आग लग जाए तो घबराने की बजाय “रुको, लेटो और लुढ़को” (Stop, Drop and Roll) पद्धति अपनानी चाहिए। इस प्रक्रिया में व्यक्ति को तुरंत रुककर जमीन पर लेट जाना चाहिए और लुढ़कते हुए आग को बुझाने का प्रयास करना चाहिए। इस तकनीक से आग तेजी से बुझ जाती है और गंभीर दुर्घटना से बचा जा सकता है।

बच्चों को यह भी बताया गया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचित करना चाहिए, ताकि समय रहते मदद मिल सके। इसके साथ ही यह भी समझाया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। स्कूल में मौजूद बच्चों ने इस अभ्यास को उत्साहपूर्वक किया और शिक्षक द्वारा बताए गए सभी निर्देशों का पालन करते हुए मॉक ड्रिल में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्युत स्पर्शाघात और बिजली से लगी आग से बचाव के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि यदि किसी स्थान पर बिजली से आग लग जाए तो उसे पानी से बुझाने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि पानी बिजली का अच्छा चालक होता है और इससे करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले बिजली के मुख्य स्विच को बंद करना चाहिए या बिजली की आपूर्ति को तुरंत डिस्कनेक्ट करना चाहिए। इसके बाद ही सुरक्षित तरीके से आग बुझाने की कोशिश करनी चाहिए।
प्रधान शिक्षक श्रवण रजक ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत लाभदायक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों की जानकारी मिलती है, जो भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में उनके लिए सहायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम उम्र में ही आपदा प्रबंधन की जानकारी मिलना बेहद जरूरी है, ताकि वे न केवल खुद सुरक्षित रह सकें बल्कि दूसरों को भी जागरूक कर सकें।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने से समाज में भी जागरूकता फैलती है। बच्चे घर जाकर अपने अभिभावकों और आसपास के लोगों को भी आपदा से बचाव के उपाय बताते हैं, जिससे पूरे समुदाय को लाभ मिलता है। सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि समाज का हर व्यक्ति आपदा के समय घबराने के बजाय समझदारी से काम ले और अपनी तथा दूसरों की जान बचाने में मदद कर सके।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरीय शिक्षक कुमारी हेमलता, मो. राशिद, मो. रमतुल्लाह, कुमारी निशु और मो. इमतियाज ने बच्चों को अलग-अलग उदाहरणों के माध्यम से आग और बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

बाल प्रेरक जिशान, सौरभ, आसियाना और आलिया ने भी बच्चों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को सही तरीके से अभ्यास कराया और उन्हें समझाया कि आपदा के समय धैर्य और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा होती है।
कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होने से बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान मिलता है और वे जीवन के महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को सीखते हैं। अभिभावकों ने बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों और समाज दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे खुद भी सुरक्षित रहेंगे और दूसरों को भी आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। इस तरह प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में आयोजित सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही, ताकि बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।

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