बिपार्ड गया परिसर में संवाद वाटिका से अंतरिक्ष गैलरी तक कई नव-परियोजनाओं का लोकार्पण, दो दिवसीय ‘मंथन’ कार्यशाला में समग्र विकास पर मंथन

गया बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) के गया परिसर में प्रशासनिक प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाली कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर संवाद वाटिका, योगा परिसर, बिपार्ड लॉन, नक्षत्र वन, पुनर्जीवित ब्रह्मयोनी सरोवर, हॉर्स राइडिंग ट्रैक, पुस्तकालय (विक्रमशिला), मोटरवाहन प्रशिक्षण केन्द्र, अंतरिक्ष गैलरी, बिपार्ड दीर्घा तथा उत्कृष्टता केन्द्र का विधिवत लोकार्पण किया गया।

उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने इन नव-विकसित परिसरों का अवलोकन किया और इसे प्रशासनिक प्रशिक्षण के साथ-साथ पर्यावरण, स्वास्थ्य, संस्कृति और तकनीकी ज्ञान के समन्वय की दिशा में एक अहम कदम बताया। नक्षत्र वन और पुनर्जीवित ब्रह्मयोनी सरोवर को पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन की दृष्टि से विशेष रूप से सराहा गया, वहीं योगा परिसर और हॉर्स राइडिंग ट्रैक को प्रशिक्षणार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ा गया।

कार्यक्रम के साथ ही बिपार्ड परिसर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला ‘मंथन’ का शुभारंभ भी किया गया। इस कार्यशाला के तहत बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। संवाद के दौरान राज्य में सुशासन, प्रशासनिक दक्षता, नवाचार, ग्रामीण विकास, सेवा वितरण की गुणवत्ता तथा जनभागीदारी जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए प्रशासनिक नेतृत्व, पारदर्शिता और नवाचार को जमीनी स्तर तक ले जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे ‘समग्र विकास अभियान’ से सक्रिय रूप से जुड़ते हुए अपने-अपने जिलों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।

कार्यशाला में विभिन्न सत्रों के माध्यम से अनुभव साझा किए गए और बेहतर प्रशासनिक मॉडल अपनाने पर बल दिया गया। प्रतिभागियों ने बिपार्ड में विकसित की गई सुविधाओं को भविष्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण का मजबूत आधार बताया और इसे बिहार के लिए एक मॉडल संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

कार्यक्रम के समापन पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि बिपार्ड गया परिसर में विकसित ये नई संरचनाएं न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण को नई दिशा देंगी, बल्कि बिहार के समग्र, सतत और समावेशी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *