भागलपुर सिविल कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी,ई-मेल से मिली चेतावनी के बाद परिसर खाली, पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में

भागलपुर | विशेष संवाददाता
भागलपुर सिविल कोर्ट को एक बार फिर ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को शहर में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घटना के बाद न्यायिक कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादकारियों में दहशत का माहौल देखा गया।

ई-मेल से मिली धमकी, तुरंत हरकत में आया प्रशासन
सूत्रों के अनुसार, सिविल कोर्ट प्रशासन को एक संदिग्ध ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल मिलते ही कोर्ट प्रबंधन ने इसकी सूचना जिला प्रशासन और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वायड) और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई।

एहतियातन कोर्ट परिसर में चल रही सभी न्यायिक कार्यवाहियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया और मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वारों को सील कर दिया तथा आसपास की सड़कों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक न होने देने का निर्णय लिया। बम निरोधक दस्ता अत्याधुनिक उपकरणों के साथ परिसर के प्रत्येक कक्ष, रिकॉर्ड रूम, न्यायालय कक्ष, अधिवक्ता कक्ष, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के हिस्सों की गहन जांच में जुट गया। डॉग स्क्वायड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पूरी तरह संतुष्ट होने तक सघन जांच जारी रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
अफरातफरी और दहशत का माहौल
धमकी की खबर फैलते ही कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। कई वादकारी अपने मामलों की सुनवाई के लिए दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे थे। अचानक परिसर खाली कराने की घोषणा के बाद लोग घबराहट में बाहर निकलने लगे। हालांकि पुलिस और कोर्ट कर्मियों ने संयम बनाए रखते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

अधिवक्ताओं ने बताया कि पिछले कुछ समय से इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे न्यायिक कार्यों पर असर पड़ रहा है। कई मामलों की सुनवाई टल जाने से वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भागलपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। इससे पहले भी इसी तरह के ई-मेल या फोन कॉल के जरिए धमकियां दी जा चुकी हैं। हालांकि पूर्व में की गई जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी और अधिकांश मामलों में धमकी झूठी साबित हुई थी।

फिर भी बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट परिसर जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्थायी और उच्चस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए।
साइबर सेल कर रही जांच
पुलिस ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की साइबर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की टीम ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि ई-मेल किस सर्वर से भेजा गया और क्या उसमें किसी प्रकार की तकनीकी छेड़छाड़ के संकेत हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं। ई-मेल भेजने वाले की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।”
न्यायिक कार्य प्रभावित
घटना के कारण दिनभर न्यायिक कार्य प्रभावित रहे। कई अदालतों में सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक स्थायी सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया जाए, ताकि न्यायिक कार्यों में बाधा न आए।

वादकारियों का कहना है कि पहले से लंबित मामलों की वजह से न्याय मिलने में देरी हो रही है, और ऐसी घटनाएं स्थिति को और जटिल बना देती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार मिल रही धमकियों ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। अधिवक्ताओं और नागरिकों का मानना है कि प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच, सीसीटीवी निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था और नियमित मॉक ड्रिल जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही कोर्ट परिसर को दोबारा खोले जाने का निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस मामले से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह तत्काल प्रशासन को सूचित करे। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक या अपुष्ट खबरें साझा करने से बचने की भी अपील की गई है।

शहर में बढ़ी सतर्कता
घटना के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख सरकारी भवनों, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
भागलपुर सिविल कोर्ट को मिली यह ताजा धमकी एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

जांच पूरी होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही न्यायिक कार्य फिर से सुचारू रूप से शुरू किए जाएंगे। तब तक शहर की नजरें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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