भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में गूंजा आमजन का दर्द, अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश

बोधगया
कन्वेंशन सेंटर, बोधगया में बुधवार को भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का सफल, सार्थक और प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गयाजी जिले के सभी अंचलों से भूमि से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें गंभीरता से सुना गया और अधिकांश मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
कार्यक्रम में विभाग के वरीय पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, उप समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी तथा राजस्व कर्मी मौजूद रहे। प्रत्येक आवेदक की समस्या को व्यक्तिगत रूप से सुना गया और स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
संवाद के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि निजी या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया तत्वों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया जाए और उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फौजियों और पुलिसकर्मियों के मामलों को प्राथमिकता
कार्यक्रम में यह भी निर्देश दिया गया कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों तथा समाज की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से जुड़े भूमि मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर बिना देरी किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सभी सेवाएं ऑनलाइन, जागरूकता पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि भूमि से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से लोग मोबाइल से ही आवेदन कर सकते हैं। तकनीकी जानकारी न रखने वाले लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी (CSC) केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित ऑपरेटर तय दर पर सेवाएं और सही मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं।
न्यायपूर्ण और पारदर्शी समाधान का संकल्प
कार्यक्रम में कहा गया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार का एकमात्र संकल्प है कि हर बिहारवासी की भूमि से जुड़ी समस्या का न्यायपूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
“आपकी ज़मीन — आपका अधिकार।
हमारा संकल्प — सुलभ, पारदर्शी और न्यायपूर्ण समाधान।”
यह कार्यक्रम न केवल शिकायत निवारण का मंच बना, बल्कि आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी मजबूत करने में सफल रहा।
