मतदान पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव की तैयारी तेज

जगदीशपुर (भागलपुर)।
प्रखंड मुख्यालय स्थित लोकनाथ हाईस्कूल, जगदीशपुर में आगामी पैक्स चुनाव को लेकर मतदान पदाधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण दो पालियों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रखंड जगदीशपुर के विभिन्न विभागों में पदस्थापित कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में गश्ती दल दंडाधिकारी, पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के रूप में नियुक्त कर्मियों को चुनाव से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर के रूप में आशुतोष चन्द्र मिश्र, सुभाष चंद्र पासवान, चंदन कुमार तथा बिल्टु दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया।
मास्टर प्रशिक्षक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए मतदान पदाधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सभी पदाधिकारियों को पूरी निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। प्रशिक्षण में मतदान के दिन अपनाई जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मतदान पदाधिकारियों को मतदान केंद्र पर पहुंचने से लेकर मतदान समाप्ति के बाद की प्रक्रियाओं तक की पूरी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद सबसे पहले मतदान केंद्र की व्यवस्था का निरीक्षण करना होगा। इसके बाद मतपेटी की जांच, उसे सही तरीके से तैयार करना और मतदान प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक प्रपत्रों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि मतदान की शुरुआत से पहले मतपेटी को सभी प्रत्याशियों के एजेंटों के सामने सील किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू होगी और मतदाता अपनी पहचान सत्यापित कराने के बाद मतपत्र प्राप्त कर मतदान करेंगे। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि मतदान के दौरान मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान मतदान से संबंधित विभिन्न पदों और जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पीठासीन पदाधिकारी को मतदान केंद्र का प्रभारी बताया गया, जो पूरे मतदान केंद्र की व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेगा। वहीं मतदान पदाधिकारी प्रथम, द्वितीय और तृतीय को क्रमशः मतदाता पहचान सत्यापन, मतपत्र वितरण और मतपेटी में मतपत्र डालने की प्रक्रिया से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके अलावा गश्ती दल दंडाधिकारी की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि चुनाव के दौरान वे अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण करेंगे और यदि कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत कार्रवाई करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव से जुड़े विभिन्न प्रपत्रों को भरने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि मतदान के दौरान और उसके बाद कई महत्वपूर्ण प्रपत्रों को सही तरीके से भरना आवश्यक होता है। यदि इनमें किसी प्रकार की त्रुटि हो जाती है तो इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी पदाधिकारियों को प्रपत्रों को ध्यानपूर्वक और निर्धारित नियमों के अनुसार भरने का निर्देश दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मतदान पदाधिकारियों को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इसमें मतदान केंद्र की काल्पनिक व्यवस्था तैयार कर मतदान की पूरी प्रक्रिया को अभ्यास के रूप में कराया गया, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अभ्यास के माध्यम से पदाधिकारियों को मतपेटी तैयार करने, मतपत्र जारी करने, मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने और मतदान समाप्ति के बाद मतपेटी को सुरक्षित सील करने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।
मास्टर प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में तुरंत पीठासीन पदाधिकारी को सूचित करना होगा और आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। साथ ही चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रखंड कार्यालय के प्रधान लिपिक कैसर जमील, नाजिर चंदन कुमार तथा शशि कुमार प्रशिक्षण व्यवस्था की देखरेख कर रहे थे। उन्होंने प्रशिक्षण स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि प्रशिक्षण सुचारु रूप से संपन्न हो सके। प्रशिक्षण में भाग लेने वाले कर्मियों के लिए बैठने की व्यवस्था, आवश्यक सामग्री और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी मतदान पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे चुनाव के दिन अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। अधिकारियों ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इसमें प्रत्येक मतदान पदाधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रखंड प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आगामी पैक्स चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न हो सके। प्रशिक्षण में शामिल सभी पदाधिकारियों ने भी चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
