मध्य विद्यालय जगदीशपुर में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी सह विज्ञान प्रदर्शनी का सफल आयोजन

जगदीशपुर: विभागीय आदेश के आलोक में मध्य विद्यालय जगदीशपुर में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी सह विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, अभिभावकों को शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ना तथा सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभा, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत जगदीशपुर की मुखिया लालमति देवी, विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव प्रीति देवी, वर्ल्डबीइंग इंडिया फाउंडेशन की कार्यक्रम पदाधिकारी काजल कुमारी, वार्डेन सापन कुमारी तथा विद्यालय के शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ और उपस्थित लोगों ने शिक्षा के माध्यम से समाज के विकास का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह विज्ञान प्रदर्शनी प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (Project Based Learning) पद्धति पर आधारित थी। इस पद्धति के माध्यम से बच्चों को केवल पुस्तक आधारित ज्ञान तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन से जुड़े विषयों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रधानाध्यापक मिश्र ने बताया कि बच्चों ने विभिन्न सामाजिक समस्याओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रोजेक्ट तैयार किए। इनमें जल-जीवन-हरियाली, प्रदूषण नियंत्रण, कुपोषण, जल एवं भूमि संरक्षण, नशा मुक्ति और भ्रूण हत्या जैसे गंभीर सामाजिक विषय शामिल थे। बच्चों ने इन विषयों को केवल मॉडल के रूप में प्रस्तुत नहीं किया, बल्कि उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों और समाधान को भी समझाने का प्रयास किया।
जल संरक्षण पर आधारित प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों ने वर्षा जल संचयन की प्रक्रिया, जल के अनावश्यक उपयोग के दुष्परिणाम तथा भविष्य में संभावित जल संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया। वहीं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मॉडल में वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण के स्रोतों और उनके प्रभावों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया।
कुपोषण विषय पर बच्चों ने संतुलित आहार की आवश्यकता, पौष्टिक भोजन के स्रोत तथा कुपोषण के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। जल एवं भूमि संरक्षण पर आधारित प्रोजेक्ट में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाया गया।
नशा मुक्ति विषय पर विद्यार्थियों ने समाज में फैलती नशे की प्रवृत्ति के दुष्परिणामों को चित्रों और चार्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया। भ्रूण हत्या जैसे संवेदनशील विषय पर बच्चों ने समाज को जागरूक करने का प्रयास किया और बताया कि यह न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि मानवता के विरुद्ध भी है।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल, चार्ट, पोस्टर एवं प्रोजेक्ट को देखकर अभिभावक काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक विषयों पर सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएँ वीणा कुमारी, प्रज्ञा, प्रतिमा मिश्रा, शाहिना खातून, प्रीति कुमारी, नेहा कुमारी, पुष्पलता कुमारी तथा शिक्षक अमित कुमार सिंह, निर्भय कुमार, राजीव कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगते हैं।
अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह विज्ञान प्रदर्शनी न केवल बच्चों के लिए एक सीखने का अवसर बनी, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ गई कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ी समझ विकसित करने का माध्यम है।
