महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस पर मध्य विद्यालय जगदीशपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संवाददाता, भागलपुर
अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर मंगलवार को मध्य विद्यालय जगदीशपुर में एक प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (STEM) के क्षेत्र में बालिकाओं की पूर्ण एवं समान भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 11 फरवरी को यह दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में विद्यालय परिसर में छात्राओं के बीच विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है, और इसमें महिलाओं की भागीदारी जितनी अधिक होगी, समाज और देश की प्रगति उतनी ही तीव्र होगी। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत की कई महिला वैज्ञानिकों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने भविष्य की तैयारी करनी चाहिए।
इस अवसर पर छात्राओं ने भारत की प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिकों जैसे कल्पना चावला, टेसी थॉमस, गगनदीप कांग, रितु करिधल और अन्य वैज्ञानिकों के जीवन एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। शिक्षिकाओं द्वारा उनके संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। छात्राओं ने पोस्टर एवं चार्ट के माध्यम से विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका को प्रदर्शित किया।
प्रधानाध्यापक श्री मिश्र ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इनमें ‘इंस्पायर अवार्ड-मानक’ योजना के तहत बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित किया जाता है। ‘अटल टिंकरिंग लैब’ के माध्यम से विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ स्थापित कर बच्चों को प्रयोग आधारित शिक्षा दी जा रही है। इसके अलावा ‘विज्ञान ज्योति योजना’ का उद्देश्य विशेष रूप से बालिकाओं को विज्ञान एवं गणित विषयों में उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर छात्राएँ अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
विज्ञान शिक्षिका शाहिना खातून ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने छात्राओं को जिज्ञासु बनने और हर विषय को समझने के लिए प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने की सलाह दी। शिक्षिका वीणा कुमारी ने बताया कि आज की बालिकाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकती हैं। प्रीति कुमारी ने छात्राओं को प्रयोगात्मक गतिविधियों में भाग लेने और विज्ञान प्रदर्शनी जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विज्ञान विषय पर लघु भाषण प्रस्तुत किए तथा कुछ ने महिला वैज्ञानिकों के जीवन पर आधारित विचार साझा किए। विद्यालय परिसर में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। शिक्षकों ने छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंत में प्रधानाध्यापक ने कहा कि समाज में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में यह आवश्यक है कि बालिकाओं को शिक्षा के हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान किए जाएँ। विज्ञान के क्षेत्र में उनकी भागीदारी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के विकास का आधार है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने छात्राओं में विज्ञान के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
