महिला दिवस पर प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में प्रेरणादायक कार्यक्रम, छात्राओं ने प्रस्तुतियों से जीता सबका दिल

जगदीशपुर (भागलपुर)।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं जगदीशपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय गोहारियो में भी महिला दिवस के दूसरे दिन सोमवार 9 मार्च 2026 को एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को देश और दुनिया की महान महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और आदर्शों से परिचित कराना तथा बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न महान महिलाओं के जीवन से जुड़े प्रसंगों और उनके संघर्षों को मंच के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और सभी ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने देश की महान समाज सुधारक माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष को प्रस्तुत किया। बच्चों ने बताया कि किस प्रकार सावित्रीबाई फुले ने समाज में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया और अनेक बाधाओं के बावजूद शिक्षा का अलख जगाया। उनकी इस प्रेरणादायक कहानी ने बच्चों को शिक्षा के महत्व और समाज में समानता की भावना को समझने के लिए प्रेरित किया।

इसके साथ ही कार्यक्रम में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और साहस की कहानी भी प्रस्तुत की गई। छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से झांसी की रानी के पराक्रम और देशभक्ति को दर्शाया। बच्चों की इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों में उत्साह और गर्व की भावना भर दी। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं और यदि उन्हें अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध महिला मुक्केबाज मैरी कॉम के जीवन संघर्ष और मेहनत को भी बच्चों ने रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद मैरी कॉम ने अपनी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प और मेहनत करने की इच्छा हो तो वह किसी भी कठिनाई को पार कर सकता है।
इसके अलावा बच्चों ने मदर टेरेसा की सादगी और मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण को भी मंच पर प्रस्तुत किया। मदर टेरेसा के जीवन की झलकियों के माध्यम से यह बताया गया कि दूसरों की सेवा और मानवता के लिए समर्पण ही सच्ची महानता का प्रतीक है। इस प्रस्तुति ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा की गायकी को भी मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों ने उनकी शैली में लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में ‘मल्टीटास्किंग वूमेन’ की भूमिका को भी दर्शाया गया। बच्चों ने यह दिखाया कि आज की महिला घर और बाहर दोनों जगह अपनी जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निभा रही है। वह परिवार की देखभाल के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की भूमिका समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान व सशक्तिकरण के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

विद्यालय के प्रधान शिक्षक श्रवण रजक ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं हमारे घर और समाज की शान होती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को पहचानना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विद्यालय में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि बालिकाओं को प्रेरणा मिले और वे अपने जीवन में आगे बढ़कर समाज और देश का नाम रोशन करें।

उन्होंने कहा कि विद्यालय का मुख्य लक्ष्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें एक सक्षम, जागरूक और सभ्य नागरिक बनाना है। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से बालिकाओं को आत्मविश्वास और साहस प्रदान करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं शिक्षा, खेल, विज्ञान, राजनीति और समाज सेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसलिए बालिकाओं को भी बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक मो. राशिद, मो. इमरोज़, मो. रमतुल्लाह, कुमारी निशु और मो. इम्तियाज सहित अन्य शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्राओं में सादिया, आलिया, राधिका, जैनव और आरुषि सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में प्रधान शिक्षक ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को साहसी, आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और कर्मवीर बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत सहायक होते हैं। समाज के विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है और शिक्षा ही इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं का सम्मान और उनका सशक्तिकरण ही एक समृद्ध और विकसित समाज की पहचान है।

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