विवाह संस्था पर संगोष्ठी, माता-पिता द्वारा तय शादी और प्रेम विवाह की चुनौतियों पर चर्चा

जगदीशपुर (संवाददाता)।
संत कबीर मिशन भागलपुर के तत्वावधान में रविवार को नयाचक मखना गांव में “आज माता-पिता द्वारा निर्धारित शादी एवं प्रेम विवाह के असफल होने के कारण एवं सफलता के उपाय” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक विनय कुमार कबीर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और कलाकारों ने शिरकत की।

संगोष्ठी का मंच संचालन डिनर कबीरा ने किया। कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ सदस्य कामता प्रसाद, अखिल भारतीय हिंदी साहित्यकार परिषद भागलपुर के महेंद्र निशाकर, उत्तम संगीत कला महाविद्यालय भागलपुर के प्राचार्य कपिल देव ठाकुर, एडवोकेट विचिंत कुमार, समाजसेवी धीरज पंडित, डॉ. विष्णुदेव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

संस्था के संस्थापक विनय कुमार कबीर ने अपने संबोधन में कहा कि विवाह जैसी संस्था आज कई चुनौतियों से जूझ रही है। प्रेम विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन कई बार सामाजिक असहमति, आपसी मनमुटाव, अहंकार और सांस्कृतिक टकराव के कारण ये रिश्ते असफल हो जाते हैं। वहीं माता-पिता द्वारा तय विवाह भी हर बार सफल नहीं हो पाते, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विवाह तभी सफल हो सकता है जब उसमें परस्पर सम्मान, संवाद, धैर्य और परिवारजनों के प्रति आदर की भावना कायम रहे।

कार्यक्रम में महेंद्र निशाकर ने कहा कि जीवन को सुखी और सफल बनाने के लिए अहंकार को त्यागकर संतोष का भाव अपनाना जरूरी है। कपिल देव ठाकुर ने युवाओं को अपनी पसंद और निर्णय की स्वतंत्रता के साथ-साथ परिवार और समाज की परंपराओं का सम्मान करने की सलाह दी। वक्ताओं ने कानूनी पहलुओं की चर्चा करते हुए कहा कि विवाह केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक अनुबंध भी है, इसलिए कानून और मानवीय गरिमा का पालन अनिवार्य है।

संगोष्ठी के दौरान गीत, ग़ज़ल और कविताओं के माध्यम से विवाह संस्था की महत्ता और उसकी चुनौतियों को प्रस्तुत किया गया। कामता प्रसाद और अजीत शांत ने भी अपने विचार रखे। अंत में शिक्षक अभय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि विवाह जैसी संस्था केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे समाज के संतुलन और गतिशीलता का आधार है।

कार्यक्रम में संत कबीर मिशन के सदस्यों ने भी अपनी अभिव्यक्तियाँ दीं और समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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