विश्व मानवाधिकार दिवस पर मंडल कारा में जागरूकता कार्यक्रम, डीएम ने कहा— अपराध की दुनिया से बाहर निकलें, समाज की मुख्यधारा से जुड़ें

मुंगेर। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को मंडल कारा, मुंगेर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने किया। इस दौरान मानवाधिकारों के महत्व, उनकी आवश्यकता और संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार, कारा अधीक्षक समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को स्वतंत्रता, समानता, न्याय और सम्मान के साथ जीने का मौलिक अधिकार देता है। उन्होंने कैदियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जेल को केवल दंडस्थल न समझें, बल्कि इसे सुधार गृह मानें।

डीएम ने कहा— “आप जिस गलती या अपराध की वजह से यहां आए हैं, उससे अब विमुख होकर अपने जीवन की नई शुरुआत का संकल्प लें। आप सभी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। कम समय में अधिक लाभ की चाहत अक्सर युवाओं को गलत राह पर ले जाती है, लेकिन जीवन का वास्तविक विकास सकारात्मक मार्गों से ही संभव है।”

उन्होंने आगे कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए अपराध के रास्ते पर चलकर अपना भविष्य अंधकारमय न करें। प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को सुधार की दिशा में प्रेरित करना है, ताकि वे समाज की मुख्य धारा में लौटकर सकारात्मक भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कैदियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी और जेल में उपलब्ध सुधारात्मक कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।

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