संजय गांधी जैविक उद्यान का निरीक्षण, सुविधाओं के विस्तार और टॉय ट्रेन शीघ्र शुरू करने के निर्देश

राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान का आज निरीक्षण किया गया। भ्रमण के दौरान उद्यान में मौजूद विभिन्न वन्य जीवों को नजदीक से देखा गया और उनके स्वास्थ्य, रखरखाव एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी वन्य जीवों की देखभाल वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप, नियमित स्वास्थ्य जांच और बेहतर प्रबंधन के साथ सुनिश्चित की जाए, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में रह सकें।
निरीक्षण के क्रम में यह भी कहा गया कि जैविक उद्यान में आने वाले बच्चों, परिवारों और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का और विस्तार किया जाए। साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सूचना पट्ट और मार्गदर्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आमजन का अनुभव अधिक बेहतर हो सके।
इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक जैविक उद्यान भ्रमण के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश भी दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे बच्चों में वन्य जीवों, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। ऐसे भ्रमण बच्चों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक होंगे, बल्कि प्रकृति से जुड़ाव भी बढ़ाएंगे।
निरीक्षण के दौरान संजय गांधी जैविक उद्यान में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही टॉय ट्रेन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि टॉय ट्रेन को जल्द से जल्द पुनः शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों और पर्यटकों को उद्यान भ्रमण का एक रोमांचक और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।
भ्रमण के दौरान एक सुखद क्षण भी देखने को मिला, जब जैविक उद्यान में जन्मे जेब्रा के नवजात शिशु का नामकरण किया गया। नवजात जेब्रा का नाम ‘समृद्धि’ रखा गया, जो विकास, संरक्षण और खुशहाली का प्रतीक है।
कुल मिलाकर निरीक्षण के दौरान जैविक उद्यान के विकास, वन्य जीव संरक्षण और जनसुविधाओं के विस्तार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि संजय गांधी जैविक उद्यान न केवल मनोरंजन का केंद्र बने, बल्कि पर्यावरण शिक्षा और संरक्षण का एक आदर्श स्थल भी बन सके।
