समीक्षा भवन में एसएसपी की अपराध समीक्षा बैठक

भागलपुर।
शहर के समीक्षा भवन में रविवार को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार ने की। इस बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) तथा सभी थाना अध्यक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी और आम जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना रहा।

अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसएसपी प्रमोद कुमार ने जिले में हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों से उनके थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों, लंबित कांडों, गिरफ्तारी की स्थिति और फरार अभियुक्तों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबे समय से लंबित मामलों की सूची तैयार कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से हत्या, लूट, डकैती, चोरी, महिला उत्पीड़न और संगीन अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी प्रमोद कुमार ने फरार अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अपराधी जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, उनके विरुद्ध कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज की जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करना बेहद जरूरी है, ताकि वे अपराध करने से पहले सौ बार सोचें।
बैठक में रात्रि गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने निर्देश दिया कि सभी थाना क्षेत्रों में नियमित और प्रभावी गश्त सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील इलाकों, बाजार क्षेत्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि गश्त केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक रूप से अपराध रोकने का माध्यम बने।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान शराबबंदी कानून के अनुपालन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। एसएसपी ने कहा कि शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और अवैध शराब के धंधे में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में साइबर अपराध को लेकर भी चिंता जताई गई। एसएसपी ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जाए।
महिला अपराध को लेकर एसएसपी प्रमोद कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। छेड़खानी, दुष्कर्म, घरेलू हिंसा और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपराध समीक्षा बैठक में आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जन संवाद बढ़ाएं, स्थानीय लोगों से संपर्क में रहें और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होने से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
एसएसपी प्रमोद कुमार ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों से ईमानदारी, अनुशासन और सक्रियता के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भागलपुर पुलिस की छवि जनता के बीच सकारात्मक बनी रहे, इसके लिए हर पुलिसकर्मी को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इस अपराध समीक्षा बैठक में जिले के सभी वरीय अधिकारी, डीएसपी, थाना अध्यक्ष और संबंधित शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि भागलपुर जिले में अपराध नियंत्रण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
