समीक्षा भवन में वरीय पदाधिकारियों के निरीक्षण प्रतिवेदन की व्यापक समीक्षा

जिलाधिकारी ने कहा—कमियां किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं, विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करें

भागलपुर | 20 नवम्बर 2025
भागलपुर के समीक्षा भवन में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में वरीय पदाधिकारियों के निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्यालयी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

18 नवंबर को हुए निरीक्षण की विस्तृत समीक्षा

जिलाधिकारी के आदेश पर 18 नवंबर को विभिन्न प्रखंडों एवं अंचल कार्यालयों का निरीक्षण वरीय पदाधिकारियों द्वारा किया गया था।

  • इस्माइलपुर प्रखंड–सह–अंचल कार्यालय का निरीक्षण वरीय उपसमाहर्ता सुश्री अंकिता रंजन ने किया।
  • बिहपुर प्रखंड का निरीक्षण वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती मीनाक्षी ने किया।
  • गोपालपुर प्रखंड का निरीक्षण जिला पंचायती राज पदाधिकारी विकास कुमार ने किया।
  • सुल्तानगंज एवं शाहकुंड का निरीक्षण भूमि सुधार उपसमाहर्ता सदर ने किया।
  • सन्हौला प्रखंड का निरीक्षण अनुमंडल पदाधिकारी कहलगांव द्वारा किया गया।
  • गोराडीह प्रखंड का निरीक्षण अपर समाहर्ता राजस्व द्वारा किया गया।
  • जगदीशपुर प्रखंड का निरीक्षण जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी सुधीर कुमार ने किया।
  • रंगरा चौक प्रखंड–सह–अंचल कार्यालय का निरीक्षण अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन ने किया।

सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने निरीक्षण विवरण प्रस्तुत करते हुए आगत-निर्गत पंजी, रोकड़ बही, पीएम आवास ग्रामीण व सीएम आवास योजना, दाखिल-खारिज परिमार्जन, ई–मापी, सीपी ग्राम, ई-डेक्स बोर्ड, आधार व आरपीएस सेंटर, लोक शिकायत निवारण व्यवस्था, पंचायत सरकार भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, चिकित्सा केंद्र एवं प्रखंड कृषि कार्यालय सहित विभिन्न बिंदुओं की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

कमियां मिलने पर सख्त निर्देश

जिन स्थानों पर कमियां पाई गईं, वहां जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया। साथ ही तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी नगर निकायों का शनिवार से सोमवार तक निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि

  • निर्माणाधीन भवन या किसी भी निर्माण कार्य की जांच उसी विभाग से भिन्न विभाग के अभियंता से कराई जाए।
  • प्रखंडों के पंचायत सरकार भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल, विद्यालय, पीडीएस दुकानों, खाद दुकानों, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की नियमित जांच की जाए।
  • विद्यालयों में साफ-सफाई, शौचालय, शिक्षकों की उपस्थिति, लाइब्रेरी और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जाए।
  • मार्केटिंग ऑफिसर पेट्रोल पंप और गैस वितरण केंद्रों की जांच करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि विद्यालयों में किसी भी प्रकार का आधारभूत संरचना कार्य चल रहा है, तो उसकी गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की होगी।

दाखिल-खारिज में लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत

अपर समाहर्ता को निर्देश दिए गए कि ऐसे कर्मियों को चिह्नित करें जो दाखिल-खारिज आवेदन को बार-बार आपत्ति लगाकर लौटाते हैं। हर अंचल से ऐसे 10 मामलों की पहचान करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही निर्देश दिया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी थाना दिवस पर संयुक्त रूप से अंचल का भ्रमण कर गंभीर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें।

रंगरा चौक प्रखंड सड़क मामले में कार्रवाई

रंगरा चौक प्रखंड मुख्यालय के क्षतिग्रस्त पहुंच पथ के मामले में

  • RWD के कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया
  • कनीय एवं सहायक अभियंता का वेतन स्थगित कर दिया गया।

समन्वय बैठक प्रतिमाह अनिवार्य

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रखंड स्तर पर प्रतिमाह समन्वय बैठक करना अनिवार्य है। पदाधिकारियों में समन्वय की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला स्तरीय पदाधिकारी अपने विभागीय कर्मियों पर नियंत्रण रखें और यदि किसी अन्य विभाग का प्रभार है, तो संबंधित विभाग से पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें।

जिलाधिकारी ने कहा, “आज की समीक्षा बैठक जिला स्तरीय अधिकारियों को दर्पण दिखाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है, ताकि वे समझ सकें कि प्रखंड स्तर पर उनके विभाग की कार्यशैली कैसी है।”

 

बैठक में उपस्थित अधिकारी

उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त शुभम कुमार, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी शामिल थे।

 

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