10 साल बाद विस्थापितों का सपना पूरा, 24 परिवारों को मिला भूमि बंदोबस्ती प्रमाण पत्र

गंगा–महानंदा कटाव पीड़ित परिवारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
गंगा और महानंदा नदी के कटाव से वर्षों से बेघर होकर अस्थायी जिंदगी जी रहे कटिहार जिले के अहमदाबाद प्रखंड के विस्थापित परिवारों के चेहरे पर शनिवार को खुशी लौट आई। लंबे 10 साल से जमीन की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों को आखिरकार अपना घर बनाने का अधिकार मिल गया।
अहमदाबाद के सिंधिया मौजा में कुल 24 परिवारों को भूमि बंदोबस्ती प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। प्रत्येक परिवार को 3 डिसमिल जमीन आवास निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई है। जमीन मिलने के साथ ही इन परिवारों के वर्षों पुराने सपनों को साकार होने का अवसर मिला। प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय कई लोगों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन स्थानीय प्रखंड कार्यालय परिसर में किया गया, जहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य तल्लू बास्की एवं अंचल पदाधिकारी (CO) स्नेहा कुमारी ने संयुक्त रूप से सभी लाभुकों को दस्तावेज सौंपे।
अधिकारियों ने बताया कि कटाव पीड़ित परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जमीन मिलने के बाद अब इन परिवारों को सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि वर्षों की मुश्किल यात्रा के बाद अब उन्हें स्थायित्व और安心 का एहसास हो रहा है।
