42 साल से ग़ायब व्यक्ति की घर वापसी, अजगैबीनाथ धाम पहुंचते ही शहर में खुशी की लहर

रिपोर्ट— शयामानंद सिंह, भागलपुर
भागलपुर। सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम में उस वक्त भावुक और खुशी भरा माहौल बन गया, जब 42 वर्षों से लापता व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ अपने पैतृक घर वापस लौटा। वर्षों बाद अपने गांव लौटे संजय कुमार चौधरी उर्फ पप्पू चौधरी की घर वापसी की खबर मिलते ही इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया।
संजय कुमार चौधरी ने बताया कि करीब 42 वर्ष पूर्व पारिवारिक विवाद के कारण वे घर छोड़कर अपने भाई के पास महाराष्ट्र के नासिक चले गए थे। वहां लगभग दो वर्षों तक रहने के बाद वे रोज़गार की तलाश में मुंबई पहुंचे, जहां मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने लगे। इसी दौरान उनका जीवन नए मोड़ पर पहुंचा और वर्ष 1999 में उन्होंने कर्नाटक की रहने वाली रेणु जयसवाल से विवाह किया।
संजय कुमार चौधरी के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो पुत्र— साईं नाथ और चंद्रेश जयसवाल तथा एक पुत्री नीलम कुमारी शामिल हैं। तीनों बच्चों की उम्र लगभग 24 वर्ष के भीतर है। वर्षों तक बाहर रहने के बाद संजय चौधरी ने अपने परिवार के साथ आखिरकार अपने पैतृक स्थान सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम लौटने का फैसला किया।
बताया गया कि संजय कुमार चौधरी सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम स्थित चौक बाजार, नई दुर्गा स्थान के समीप के निवासी हैं। वे स्वर्गीय सत्यनारायण चौधरी के पुत्र अजय चौधरी और दीपक चौधरी (कोयला डिपो) के छोटे भाई हैं। उनकी अचानक और लंबे अंतराल के बाद हुई घर वापसी से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
संजय चौधरी के घर पहुंचते ही परिजन, रिश्तेदार और आसपास के लोग उन्हें देखने और बधाई देने के लिए उमड़ पड़े। वर्षों की जुदाई के बाद अपने खोए हुए सदस्य को वापस पाकर परिवार की आंखें खुशी से नम हो गईं। मोहल्ले में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए खुशी का अवसर बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 42 वर्षों बाद किसी का अपने घर लौटना अपने आप में एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण है। अजगैबीनाथ धाम की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय चाहे कितना भी लंबा क्यों न हो, घर लौटने की उम्मीद कभी खत्म नहीं होती।
