NDA विधानमंडल दल का नेता चुने गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

पटना, बुधवार।
राज्य की राजनीति में एक बार फिर महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बुधवार को आयोजित बैठक में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधानमंडल दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया। विधानसभा परिसर स्थित सेंटर हॉल में हुई इस बैठक में गठबंधन के सभी घटक दलों के विधायक व वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत NDA के वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर पुनर्स्थापित विश्वास जताते हुए की। इसके बाद विधिवत प्रस्ताव रखा गया, जिसमें नीतीश कुमार को एक बार फिर विधानमंडल दल का नेता चुनने का आग्रह किया गया। प्रस्ताव का समर्थन सभी दलों—भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दलों के विधायकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच किया।
“जनता के हित में काम करना ही प्राथमिकता” — नीतीश कुमार
नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने विधायकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि NDA की एकजुटता ही बिहार को विकास की नई दिशा देगी। उन्होंने कहा,
“हम सब मिलकर बिहार की जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की गति और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।”
मुख्यमंत्री ने आगामी समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सृजन को लेकर सरकार के रोडमैप की रूपरेखा भी साझा की। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सरकार सबके विकास के संकल्प के साथ कार्य करेगी।
भाजपा नेताओं ने जताया समर्थन
NDA बैठक में भाजपा नेताओं ने भी नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि गठबंधन सरकार सुशासन और स्थिरता का प्रतीक है। नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाएं मिलकर बिहार में विकास की रफ्तार को और तेज़ करेंगी।
बैठक में बनी रणनीति
सूत्रों के अनुसार, बैठक में अगले सत्र की कार्ययोजना, गठबंधन की साझा रणनीति और आगामी महीनों में सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। सामाजिक कल्याण योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और प्रशासनिक तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
NDA विधानमंडल दल के नेता के रूप में एक बार फिर नीतीश कुमार के चुने जाने को राजनीतिक विश्लेषक स्थिर नेतृत्व का संदेश मान रहे हैं। राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच यह फैसला NDA की आंतरिक एकता का संकेत माना जा रहा है।
