पटना के बापू सभागार में अमर शहीद जुब्बा साहनी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सकलदेव बिंद ने किया नमन

पटना। राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में बुधवार को अमर शहीद जुब्बा साहनी के बलिदान दिवस के अवसर पर एक भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता एवं जल मित्र सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सकलदेव बिंद के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, युवाओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया और महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद जुब्बा साहनी की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उनके साहस, त्याग और देशभक्ति ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवाओं को प्रेरित किया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सकलदेव बिंद ने कहा कि अमर शहीद जुब्बा साहनी का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, उस समय जुब्बा साहनी जैसे क्रांतिकारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आजादी की लड़ाई लड़ी। उनका संघर्ष हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होता है और उसके लिए किसी भी प्रकार का त्याग छोटा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, वह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का परिणाम है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। जुब्बा साहनी ने भी ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके अदम्य साहस और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

सकलदेव बिंद ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि समाज के विकास, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनसेवा के माध्यम से भी की जा सकती है। यदि हम सभी मिलकर समाज और राष्ट्र के विकास के लिए कार्य करें तो यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जुब्बा साहनी का नाम बिहार के गौरवशाली इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन हमें यह संदेश देता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्ची देशभक्ति है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम अनेक वीरों के त्याग और बलिदान से भरा हुआ है। उन वीरों में जुब्बा साहनी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने अपने साहस और संघर्ष से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि आजादी के आंदोलन में बिहार की धरती ने अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे महान सेनानियों को याद करना और उनके आदर्शों को अपनाना हम सभी का कर्तव्य है। जब तक हम उनके विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में नहीं उतारेंगे, तब तक उनकी कुर्बानियों का वास्तविक सम्मान नहीं हो पाएगा।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शहीद जुब्बा साहनी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जुब्बा साहनी का संघर्ष और बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि किसी के भीतर देश के प्रति सच्चा प्रेम और समर्पण हो तो वह किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना कर सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर प्रयास करना ही उन महान वीरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अमर शहीद जुब्बा साहनी को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पूरे सभागार में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और लोगों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी के बलिदान को सदैव याद रखा जाएगा।

अंत में वक्ताओं ने कहा कि क्रांतिवीर जुब्बा साहनी का अद्वितीय योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उनका साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी के बलिदान को स्मरण करना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।

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