जमुई में बड़ी कार्रवाई: 1513 बोतल विदेशी शराब के साथ 4 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, धनबाद से समस्तीपुर जा रही थी खेप


जमुई,
बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जमुई जिला प्रशासन एक बार फिर सक्रियता और सख्ती का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रहा है। जिले के उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप को जब्त किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान कुल 1513 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा लगभग 625 लीटर आंकी गई है। साथ ही, इस अवैध तस्करी में संलिप्त चार अंतरराज्यीय तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के धनबाद से एक बड़ी शराब की खेप बिहार के समस्तीपुर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया। अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए दो लग्जरी वाहनों को रोका गया। जब इन वाहनों की गहन तलाशी ली गई, तो उनमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तस्कर अत्यंत सुनियोजित तरीके से शराब को छिपाकर ले जा रहे थे ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। हालांकि, प्रशासन की सतर्कता और मजबूत सूचना तंत्र के कारण यह तस्करी का प्रयास विफल हो गया। मौके से चारों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तस्करी में प्रयुक्त दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ की जा रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।

जमुई जिला प्रशासन की इस सफलता के पीछे सुनियोजित रणनीति और निरंतर निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिला पदाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल के नेतृत्व में जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत NCORD (नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर) के माध्यम से नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रणनीति तैयार की जाती है।

इन बैठकों में सूचना तंत्र को मजबूत करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और चेकिंग अभियान को और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया जाता है। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं इन अभियानों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिसका सीधा असर अब जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है। हालिया कार्रवाई इसी का परिणाम है, जिसमें तस्करों की एक बड़ी खेप को समय रहते पकड़ लिया गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में जिले की सीमाओं, प्रमुख सड़कों और संवेदनशील क्षेत्रों में चेकिंग अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि तस्करी के प्रयासों को पूरी तरह रोका जा सके।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भी प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। आमजन का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। खासकर युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने में इस तरह के कदम अहम भूमिका निभाते हैं।

गौरतलब है कि बिहार सरकार द्वारा लागू शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। जमुई जिले में हाल के दिनों में जिस तरह से लगातार बड़ी-बड़ी कार्रवाई सामने आ रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह गंभीर है।

फिलहाल गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

जमुई प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति और समन्वित प्रयास हों, तो अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। आने वाले समय में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

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