मध्य विद्यालय गंगटी दाउदवाट में मतदान से हुआ बाल संसद का गठन, बच्चों ने संभाली नेतृत्व की जिम्मेदारी

जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगटी दाउदवाट में सोमवार को लोकतंत्र और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। विद्यालय परिसर में डिटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया एवं प्लान इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत बाल संसद का गठन मतदान प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण पूरी तरह लोकतांत्रिक उत्साह से भरा नजर आया। बच्चों ने मतदान प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित बाल सांसदों को विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. अमित रंजन द्वारा शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रार्थना एवं स्वच्छता जागरूकता संदेश के साथ हुई। इसके बाद बच्चों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विद्यालय परिसर में मतदान केंद्र बनाया गया, जहां छात्र-छात्राओं ने कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों के अंदर लोकतांत्रिक मूल्यों, जिम्मेदारी और अनुशासन की झलक साफ दिखाई दी। मतदान के बाद मतगणना की गई और विजयी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई।
प्रधानाध्यापक डॉ. अमित रंजन ने नवनिर्वाचित बाल सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए कहा कि बाल संसद बच्चों के अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुणों का विकास करना भी जरूरी है। बाल संसद के माध्यम से बच्चों को लोकतंत्र की मूल भावना समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने नवनिर्वाचित मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सभी छात्र विद्यालय को स्वच्छ, अनुशासित एवं प्रेरणादायक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर डिटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया प्लान इंडिया के जिला लीड शंभू कुमार सिंह ने कहा कि रैकिट के सहयोग से विद्यालयों में हाइजीन एजुकेशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छ आदतों का विकास किया जाए तो भविष्य में एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। बच्चों को हाथ धोने की सही विधि, व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सफाई के महत्व और स्वास्थ्य संबंधी आदतों की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बाल संसद विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम है। बाल सांसद विद्यालय में स्वच्छता बनाए रखने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, अनुशासन कायम रखने तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नेतृत्व करना सीखते हैं। साथ ही बच्चों के अंदर निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना का भी विकास होता है।
कार्यक्रम में चुने गए बाल सांसदों में प्रधानमंत्री पद पर दुर्गा कुमारी का चयन किया गया, जबकि सचिन कुमार को उपप्रधानमंत्री बनाया गया। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में आनंद राज का चयन हुआ। इसके अलावा अनमोल आनंद, रोशनी कुमारी, तनुजा कुमारी, अंशु प्रिया, अंशिका कुमारी, सुरभि कुमारी, अंशु कुमारी, सागर कुमार, प्रियंका भारती एवं अभिनव बाबू को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई। चयनित बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। सभी बच्चों ने विद्यालय हित में कार्य करने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का संकल्प लिया।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि बाल संसद के गठन से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समझ विकसित होती है। इससे बच्चों के व्यक्तित्व विकास में काफी मदद मिलती है। शिक्षकों का मानना है कि जब बच्चों को जिम्मेदारी दी जाती है तो वे अधिक सजग और अनुशासित बनते हैं। विद्यालय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक भावेश मंडल, पूनम कुमारी, ज्योति रानी, निशा कुमारी, प्रेमलता कुमारी, प्रीति कुमारी सुजाता, खुशबू कुमारी तथा दीपिका राज मौजूद रहे। सभी शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें विद्यालय के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय समन्वयक चंद्रकांत भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से लेकर शपथ ग्रहण समारोह तक सभी व्यवस्थाओं का संचालन किया। बच्चों और शिक्षकों ने उनके प्रयासों की सराहना की।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों के अंदर लोकतंत्र, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम किया। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने स्वच्छता बनाए रखने, विद्यालय को सुंदर एवं अनुशासित बनाने तथा समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि बाल संसद के माध्यम से बच्चों में न केवल नेतृत्व क्षमता का विकास होगा, बल्कि वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
