“गर्व से कहो हम बिहारी हैं” के नारों से गूंजा जगदीशपुर, बिहार दिवस पर छात्रों की भव्य प्रभात फेरी

बिहार दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल देखा जा रहा है। इसी कड़ी में जगदीशपुर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी हर्षोल्लास के साथ बिहार दिवस मनाया गया। “गर्व से कहो हम बिहारी हैं” के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा। बिहार की 114वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 22 से 24 मार्च तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय समारोह के प्रथम दिन विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर भव्य प्रभात फेरी निकाली और राज्य की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और विकास यात्रा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

प्रातः काल में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगदीशपुर, मध्य विद्यालय जगदीशपुर तथा मध्य विद्यालय दीननगर के छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए बच्चों ने प्रभात फेरी की शुरुआत की। इस दौरान “उन्नत बिहार, उज्जवल बिहार”, “पढ़ता बिहार, बढ़ता बिहार”, “ज्ञान की भूमि बिहार”, “निपुण बिहार” और “भारत के कंठहार बिहार” जैसे प्रेरणादायक नारों के साथ बच्चों ने पूरे वातावरण को उत्साह और देशभक्ति की भावना से भर दिया। प्रभात फेरी गांव और आसपास के क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को बिहार के इतिहास, उसकी सांस्कृतिक धरोहर और विकास के प्रति जागरूक करती रही।

प्रभात फेरी के उपरांत मध्य विद्यालय जगदीशपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र के नेतृत्व में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर बिहार प्रार्थना और बिहार गीत का सामूहिक गायन किया। इस दौरान बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला। गीतों के माध्यम से बिहार की महान परंपराओं, नालंदा और विक्रमशिला जैसी ऐतिहासिक धरोहरों तथा महान विभूतियों के योगदान को याद किया गया। प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली अतीत को याद करने और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर है।

वहीं, मध्य विद्यालय दीननगर में भी बिहार दिवस को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाध्यापक राजकिशोर ठाकुर के नेतृत्व में छात्रों और शिक्षकों ने एकजुट होकर “उन्नत बिहार” के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, सामाजिक एकता और विकास में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने अध्ययन और संस्कारों के माध्यम से बिहार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दें।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगदीशपुर में बिहार दिवस का आयोजन विशेष रूप से आकर्षक रहा। यहां 114वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 114 दीप जलाकर सामूहिक प्रार्थना की गई। दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा और एक आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण हुआ। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया और बिहार की उन्नति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस अनूठे आयोजन ने सभी के मन में एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार किया।

विद्यालयों में आयोजित इन कार्यक्रमों के दौरान शिक्षकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। शिक्षक अमित कुमार सिंह, वार्डेन सपना कुमारी, शिक्षिका फूल कुमारी, शारिका निगार, वीणा कुमारी, प्रज्ञा, प्रतिमा मिश्रा, प्रीति कुमारी, दुर्गा कुमारी, सोनी कुमारी, शाहिना खातून सहित अन्य शिक्षकों और कर्मियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। इसके अलावा बाल संसद के सदस्यों और विद्यालय के अन्य कर्मियों ने भी आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की गई कि 23 मार्च को विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिथि भोज का आयोजन किया जाएगा। इस दिन छात्र-छात्राएं नृत्य, गीत, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को प्रदर्शित करेंगे। तिथि भोज के माध्यम से आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

बिहार दिवस के इस आयोजन ने न केवल बच्चों में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश दिया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि नई पीढ़ी को सही दिशा और प्रेरणा मिले, तो वे राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बच्चों के चेहरे पर दिख रही खुशी और उनके नारों की गूंज यह दर्शाती है कि वे अपने राज्य के प्रति गर्व महसूस करते हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।

समग्र रूप से देखा जाए तो जगदीशपुर के विद्यालयों में मनाया गया बिहार दिवस न केवल एक उत्सव रहा, बल्कि यह एक जागरूकता अभियान के रूप में भी सामने आया। इस आयोजन ने बच्चों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को एक मंच पर लाकर बिहार की पहचान, उसकी उपलब्धियों और उसके भविष्य के प्रति सोचने का अवसर प्रदान किया। आने वाले दिनों में इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध

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