जगदीशपुर में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 85 पर्यवेक्षक व प्रगणकों का प्रशिक्षण शुरू

जगदीशपुर। जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रखंड स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जनगणना के प्रथम चरण, जिसमें मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य शामिल है, के सफल संचालन के उद्देश्य से प्रखंड जगदीशपुर में पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों का प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्य विद्यालय योगीवीर में आयोजित किया जा रहा है, जहां कुल 85 पर्यवेक्षक और प्रगणक दो अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ चार्ज अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया में से एक है, जो न केवल जनसंख्या के आंकड़ों को संकलित करती है, बल्कि विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सावधानी के साथ करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसमें की गई छोटी-सी त्रुटि भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दो सत्रों में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। पहले सत्र में जनगणना का परिचय, इसके उद्देश्य, महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर चर्चा की गई। साथ ही जनगणना से जुड़े कानूनी पहलुओं को भी विस्तार से समझाया गया, ताकि सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय नियमों का पूरी तरह पालन कर सकें। दूसरे सत्र में मकानों की गणना, परिवारों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया, नजरी नक्शा (मैपिंग) तैयार करने की विधि तथा अन्य तकनीकी विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि प्रत्येक प्रगणक को अपने निर्धारित क्षेत्र में जाकर घर-घर सर्वेक्षण करना होगा और हर एक मकान तथा उसमें रहने वाले परिवारों की सटीक जानकारी एकत्रित करनी होगी। इसके लिए उन्हें निर्धारित प्रपत्रों एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना सिखाया जा रहा है। साथ ही, यह भी निर्देश दिए गए कि वे लोगों से संवाद स्थापित करते समय विनम्रता और पारदर्शिता बनाए रखें, ताकि लोग सही जानकारी देने में सहज महसूस करें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड मास्टर ट्रेनर के रूप में आशुतोष चंद्र मिश्र, सुभाष चंद्र पासवान, निर्मल कुमार और हेमंत शरण सिंह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये सभी प्रशिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि किस प्रकार वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय के अन्य कर्मियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधान लिपिक कैसर जमील, नाजिर चंदन कुमार, आईटी सहायक अमित कुमार, राकेश कुमार, रजनीकांत कुमार, सुनील कुमार, मुकेश कुमार, संदीप कुमार एवं अमित कुमार राम प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। ये सभी कर्मी प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी सहायता, दस्तावेजों का प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कर रहे हैं।
प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने भी इस पहल को सराहनीय बताया और कहा कि इस प्रकार का विस्तृत प्रशिक्षण उन्हें अपने कार्य को बेहतर ढंग से समझने और निष्पादित करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भागीदारी करना उनके लिए गर्व की बात है और वे इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि जनगणना 2027 का पहला चरण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की प्रक्रियाएं संचालित की जाएंगी। मकानों की गणना और सूचीकरण के दौरान एकत्रित आंकड़े न केवल जनसंख्या के सही आकलन में सहायक होंगे, बल्कि सरकार को विभिन्न योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में भी मदद करेंगे। ऐसे में यह आवश्यक है कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी पर्यवेक्षक और प्रगणक अपने कार्य को पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ करें।
प्रखंड प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए और सभी प्रतिभागियों को आवश्यक संसाधन एवं जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए प्रशिक्षण स्थल पर उपयुक्त व्यवस्था की गई है, जहां प्रतिभागियों को आरामदायक वातावरण में सीखने का अवसर मिल रहा है।
समापन में, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार ने सभी प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का सही उपयोग करते हुए जनगणना कार्य को सफल बनाएं और अपने क्षेत्र में एक जिम्मेदार प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार, जगदीशपुर प्रखंड में प्रारंभ हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 के सफल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित पर्यवेक्षक और प्रगणक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ करेंगे, जिससे जनगणना कार्य को समय पर और सही तरीके से पूरा किया जा सके।
