दरभंगा: बाल श्रम के खिलाफ जन-जागरूकता वाहनों को दिखाई गई हरी झंडी, पूरे जिले में चलेगा अभियान

रिपोर्ट: श्यामानंद सिंह, दरभंगा

दरभंगा बाल श्रम उन्मूलन के उद्देश्य से दरभंगा समाहरणालय परिसर से आज एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। सहायक समाहर्त्ता, अपर समाहर्त्ता (विधि व्यवस्था) राकेश रंजन एवं श्रम अधीक्षक किशोर कुमार झा ने बाल श्रम के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

अपर समाहर्त्ता राकेश रंजन ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी प्रखंडों में लोगों को यह संदेश देना है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य लेना गैरकानूनी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने बच्चों को बाल श्रम से दूर रखें और शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें स्कूल भेजें।

कठोर कार्रवाई का प्रावधान

श्रम अधीक्षक किशोर कुमार झा ने बताया कि जो नियोजक बच्चों से काम कराते हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रति बाल श्रमिक 20,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। यह राशि जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा की जाती है।

पुनर्वास और सहायता योजनाएँ

बचाए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर पुनर्वास की प्रक्रिया चलाई जाती है। साथ ही उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम हो सकें और उनके बच्चे दोबारा बाल श्रम की ओर न लौटें।

विशेषज्ञों की भागीदारी

कार्यक्रम में विभिन्न श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सामाजिक संगठन जैसे ‘कार्ड्स’, ‘प्रयास जैक’, ‘आश्रय ट्रस्ट’, तथा ‘वन स्टॉप सेंटर’ के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होकर समाज में जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता जताई।

 

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