सावन की तीसरी सोमवारी पर सुल्तानगंज में आस्था का महाजल, गंगा घाट से अजगैबीनाथ तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
देशभर से जुटे श्रद्धालु, हर हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजा इलाका

रिपोर्ट : श्यामानंद सिंह, भागलपुर


सुल्तानगंज। सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर सुल्तानगंज में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। उत्तरवाहिनी गंगा के पावन तट पर स्थित अजगैबीनाथ धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। देश के कोने-कोने से आए लाखों शिवभक्तों ने यहां गंगा स्नान कर कांवड़ में पवित्र जल भरा और बोल बम के जयघोष के साथ देवघर के लिए रवाना हो गए।

सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब सुल्तानगंज पहुंचने लगा। जैसे ही सूरज की पहली किरणें गंगा जल पर पड़ीं, श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और आस्था से भरकर कांवड़ यात्रा की शुरुआत की। नमामि गंगे घाट से लेकर कच्ची कांवरिया पथ तक पूरा क्षेत्र “हर हर महादेव” और “बोल बम” के नारों से गूंजता रहा।

हर उम्र, हर क्षेत्र से पहुंचे शिवभक्त
कांवड़ यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक की सहभागिता दिखी। श्रद्धालुओं ने केसरिया वस्त्र धारण कर माथे पर चंदन, भस्म और रुद्राक्ष की माला के साथ कांवड़ उठाई। महिलाएं भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ यात्रा में शामिल दिखीं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि शिवभक्ति की अनुभूति है जो मन, वचन और कर्म से जुड़ी होती है।

धीरज कुमार, एक श्रद्धालु ने कहा, “हर साल सावन में बाबा की नगरी की ओर निकलना हमारे जीवन का सबसे पावन अनुभव होता है। गंगा किनारे आकर ऊर्जा का अनुभव होता है।”
वहीं श्रवण कुमार ने कहा, “शिवभक्ति में जो सुकून है, वह कहीं और नहीं। कांवर लेकर चलना तपस्या जैसा लगता है।”

प्रशासन चौकस, हर मोर्चे पर नजर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखे। जगह-जगह बैरिकेडिंग, जलपान केंद्र, प्राथमिक उपचार शिविर एवं कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई थी। दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी लगातार गश्त करते दिखे।

सावन की सोमवारी सुल्तानगंज में सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था का विराट संगम है, जिसमें समर्पण, श्रद्धा और शिवभक्ति की अविरल धारा बहती है। भक्तों का उमड़ता सैलाब यही बताता है कि अजगैबीनाथ से लेकर बाबा बैद्यनाथ तक यह यात्रा सिर्फ पैरों से नहीं, हृदय से की जाती है।

 

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