बाढ़ से फसल क्षति पर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

मुंगेर
समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में जिले में आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों द्वारा फसल क्षति के मुआवजे के लिए ऑनलाइन किए गए आवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी सत्यापनकर्ताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आवेदन के निष्पादन में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ सभी आवेदनों की जांच और निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को आदेश दिया कि इसके लिए त्रिस्तरीय टीम गठित कर नियमित जांच कराई जाए।
पंचायत स्तर पर तैनाती
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि फसल क्षति से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों की गहन जांच एवं त्वरित निष्पादन के लिए बाढ़ प्रभावित पंचायतों में कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और सहायक तकनीकी प्रबंधक की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इसके अलावा, प्रखंड स्तर पर निरीक्षण एवं अनुश्रवण की जिम्मेदारी प्रखंड नोडल पदाधिकारियों को सौंपी गई है।
किसानों को मिलेगा वास्तविक लाभ
जिलाधिकारी ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि फसल क्षति से संबंधित प्राप्त प्रत्येक आवेदन की विधिवत जांच की जाए। जांच के बाद ही भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना जांच के किसी भी आवेदन को रिजेक्ट न किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से वास्तव में प्रभावित किसानों को हर हाल में मुआवजा लाभ मिलना चाहिए।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई कि यदि कहीं से किसानों की शिकायत मिली तो संबंधित कर्मी एवं पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
