आंगन में लगी बच्चों की ‘मिनी कैबिनेट मीटिंग’

मंथन के बाद नाती–पोता निकले विधायक को आवेदन देने, गांव भर में चर्चा
राजकिशोर साह/भागलपुर ब्यूरो
नवगछिया। गांव में शनिवार को ऐसा अनोखा दृश्य देखने को मिला जिसे देखकर लोग हंसी रोक नहीं पाए और वहीं कुछ क्षणों के लिए माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया—वो भी बच्चों की शैली में।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सुबह घर के आंगन में दादा जी कुर्सी पर आराम से बैठे थे और उनके सामने उनके दो नन्हे नाती–पोतों ने पूरा “कैबिनेट सेटअप” तैयार कर दिया था। पोता आधी फटी कॉपी लेकर गंभीर मुद्रा में बैठा और उसने “एजेंडा” पढ़ना शुरू किया। सूची का पहला मुद्दा था—लड्डू की सप्लाई बढ़ाई जाए, दूसरा—झूले का रस्सा बदला जाए, और तीसरा—गांव की सड़क ठीक हो ताकि साइकिल तेज चले।
बैठक के दौरान छोटा नाती कभी दादा की मूंछें खींचता, कभी सिर हिलाकर सहमति जताता, और कभी खुद को मंत्री समझकर आदेश देता—“ये तुरंत ठीक होना चाहिए!”
दादा जी ने मुस्कुराते हुए पूछा—“इतनी सी उम्र में इतनी बड़ी बैठक?”
इस पर दोनों बच्चों ने एक साथ जवाब दिया — “विकास जरूरी है!”
करीब दस मिनट के “गंभीर मंथन” के बाद दोनों बच्चों ने फैसला लिया कि सभी मुद्दों पर कार्रवाई के लिए स्थानीय विधायक को आवेदन दिया जाएगा। फिर दोनों कॉपी और पेंसिल हाथ में लेकर घर से ऐसे निकले जैसे विधानसभा में प्रस्ताव पास कर आए हों।
रास्ते में ग्रामीणों ने उन्हें देखकर कहा—
“अब विकास बच्चों के हाथ में आ गया है, अब तो गांव में काम तेजी से होगा!”
बच्चों की यह अनोखी ‘कैबिनेट मीटिंग’ पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे मासूमियत और राजनीतिक समझदारी का अनोखा मिश्रण बता रहे हैं।
