ज्ञान भवन, पटना में भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला, अधिकारियों को मिले सख्त और स्पष्ट निर्देश

पटना।
ज्ञान भवन, पटना में आज बिहार के सभी अपर समाहर्ता (राजस्व), उप समाहर्ता एवं अंचलाधिकारियों के साथ एक दिवसीय भूमि सुधार जनकल्याण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरीय अधिकारियों ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट, सख्त और समयबद्ध दिशा-निर्देश दिए।
कार्यशाला में कहा गया कि विभागीय कार्यों में जहाँ भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। भूमि से जुड़ी सभी सेवाओं को अधिक से अधिक ऑनलाइन, सरल और जनसुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आम नागरिकों को अंचल कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अंचल कार्यालयों को भूमाफिया और दलालों से पूरी तरह मुक्त किया जाए। विभाग को स्वच्छ, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जाए।
कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि अब विभागीय कार्यों का फीडबैक केवल वरीय अधिकारियों से ही नहीं, बल्कि सीधे आम नागरिकों से लिया जाएगा। इसके लिए सभी कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। फर्जी दस्तावेजों की पहचान कर तत्काल संबंधित समाहर्ता एवं विभाग को सूचित करने पर विशेष बल दिया गया।
बताया गया कि आगामी दिनों में जिलावार यात्राओं के दौरान आयुक्त एवं समाहर्ताओं के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। जन-शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निपटारे के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में शिकायत पेटी रखने का निर्देश दिया गया, जिसे केवल अंचलाधिकारी ही खोलेंगे।
सभी अंचलों को अपने-अपने कार्यों से संबंधित समस्त विवरण 31 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा और उनके स्थानांतरण एवं पदस्थापन में प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं, कार्यों को जानबूझकर लंबित रखने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई।
कार्यशाला में दो टूक कहा गया कि विभाग का संकल्प है— स्वच्छ विभाग, पारदर्शी व्यवस्था और जनता को समयबद्ध न्याय। सरकार भूमि सुधार और जनकल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
