शीतलहर के बीच तारापुर में प्रशासनिक उदासीनता, अलाव नहीं जलने से ग्रामीण बेहाल

तारापुर (मुंगेर) 

तारापुर अनुमंडल क्षेत्र में पड़ रही भीषण शीतलहर के बावजूद जिला प्रशासन और अंचल कार्यालय की ओर से अब तक अलाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड में खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि शीतलहर को लेकर सरकार की ओर से पूर्व में दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन तारापुर नगर पंचायत एवं आसपास के क्षेत्रों में अब तक ठंड से बचाव के लिए कोई ठोस और पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। अलाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपने-अपने घरों के बाहर लकड़ी, पुआल और अन्य साधनों से जुगाड़ कर आग जलाने को विवश हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह-शाम ठंड का प्रकोप सबसे अधिक है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को खासतौर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों और बाजारों में अलाव नहीं जलने से राहगीरों और मजदूर वर्ग की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

इस संबंध में स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। युवा सौरभ कुमार और शुभम कुमार ने कहा कि प्रशासन को ठंड को देखते हुए तत्काल अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है। वहीं जीविका दीदी उत्तम कुमारी , सीमा पोद्दार,बबीता कुमारी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी शीतलहर से बचाव के लिए सरकारी स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए, ताकि आम लोगों को ठंड से राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र व्यवस्था नहीं की गई तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है।

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