सावित्रीबाई फुले जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई, शिक्षिका सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि

जगदीशपुर (भागलपुर)।
महिला शिक्षा, लिंग समानता और सामाजिक सुधार की अलख जगाने वाली भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगदीशपुर एवं मध्य विद्यालय जगदीशपुर में गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर शिक्षिकाओं के सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार के साथ छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित शिक्षकों, शिक्षिकाओं और छात्राओं ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन, संघर्ष और महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य विद्यालय जगदीशपुर बालिका शिक्षा के लिए पूर्णतः समर्पित है। इसी विद्यालय से संबद्ध कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जगदीशपुर में प्रखंड की लगभग सौ बालिकाएं आवासीय व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षा ग्रहण कर रही हैं और सावित्रीबाई फुले के विचारों को व्यवहार में उतार रही हैं। उन्होंने कहा कि यहां की छात्राएं न केवल शैक्षणिक बल्कि सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर चुकी हैं।
इस अवसर पर वार्डेन सपना कुमारी, शिक्षिकाएं फूल कुमारी, वीणा कुमारी, प्रतिमा मिश्रा, पुष्पलता कुमारी, वीवी नाहिदा, भारती कुमारी, मीनाक्षी कुमारी सहित शिक्षक अभिनाश सरोज, अमित कुमार सिंह, निर्भय कुमार, राजीव कुमार तथा कर्मियों में राजकिशोर, रिंकू, वृंदा, सुशीला, यशोदा, मीना, सुलोचना उपस्थित रहीं। बड़ी संख्या में छात्राओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा बालिका शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया। विद्यालय परिसर में पूरे दिन प्रेरणा और उत्साह का वातावरण बना रहा।
