पूर्वी चंपारण में विराट रामायण मंदिर बना आस्था का वैश्विक केंद्र

विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने साक्षी
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), संवाददाता।
पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया स्थित विश्वप्रसिद्ध विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना को लेकर आयोजित पीठ पूजा कार्यक्रम ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण में बदल गया। इस पावन अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।
विराट रामायण मंदिर में सहस्र लिंगम की स्थापना की प्रक्रिया के तहत वैदिक मंत्रोच्चारण, विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने इसे सनातन आस्था, भक्ति और गौरव का ऐतिहासिक संगम बताया। मंदिर न्यास से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा। विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की स्थापना से यह स्थल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है। ऐसे आयोजन प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सशक्त करते हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
स्थानीय लोगों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलन, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट की।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बिहार के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।
