राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन, “राहगीर नहीं, राह-वीर बनें” का संदेश

 


सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने पर ₹25 हजार इनाम देने की अपील

पूर्णिया।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2026 के अंतर्गत शनिवार को समाहरणालय परिसर में समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी विभागीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, परिवहन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा संबंधित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता हैंडबिल का विमोचन किया।

हैंडबिल के माध्यम से आम लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए “सिर्फ राहगीर नहीं, राह-वीर बनें” का संदेश दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की समय पर मदद कर कोई भी व्यक्ति राह-वीर (गुड सेमेरिटन) बन सकता है और एक अनमोल जीवन बचा सकता है।

उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों को स्वर्णिम घंटा (Golden Hour) के दौरान चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा राह-वीर की संज्ञा दी गई है। ऐसे व्यक्ति को एक सड़क दुर्घटना में एक या अधिक पीड़ितों की जान बचाने पर ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि मदद करने से डरने की जरूरत नहीं है, कानून और सरकार पूरी तरह राह-वीरों के साथ है।

कार्यक्रम में हिट-एंड-रन दुर्घटनाओं से संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जब कोई वाहन दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती, तो उसे हिट-एंड-रन दुर्घटना माना जाता है। ऐसी स्थिति में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को ₹2 लाख तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50,000 मुआवजा देने का प्रावधान है।

मुआवजा प्राप्त करने के लिए आवेदक accidentclaim.bihar.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने नजदीकी जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों की सुविधा के लिए जिला परिवहन कार्यालय में निःशुल्क आवेदन भरने की व्यवस्था भी की गई है। आवश्यक दस्तावेजों में एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण एवं आधार कार्ड शामिल हैं।

 

जिला पदाधिकारी ने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेलमेट न सिर्फ चालक की, बल्कि उसके पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

समापन समारोह के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर सभी से नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।

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