पंचायती राज योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश, विपक्ष पर मंत्री का तीखा प्रहार

भागलपुर।
बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार को पहली बार भागलपुर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर पंचायती राज विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर के सभी जिला परिषदों की रिक्त भूमि के समुचित और प्रभावी उपयोग को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है, ताकि पंचायतों में विकास योजनाओं को नई गति मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायतों की जमीन का सही उपयोग ग्रामीण विकास की रीढ़ है।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रस्तुत की गई पीपीटी में भूमि से संबंधित स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी प्रस्तुति में पूरी, सटीक और पारदर्शी जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल की जाए।
भागलपुर जिले की स्थिति की जानकारी देते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि जिले की कुल 238 पंचायतों में से अब तक 70 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें से 56 पंचायत भवन वर्तमान में क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि शेष पंचायत भवनों को भी जल्द कार्यशील बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि भागलपुर जिले की 21 पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए विभागीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 45 पंचायतों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। शेष पंचायतों में भी शीघ्र भूमि चिन्हित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
इस अवसर पर मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग आज सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायत और ग्रामीण विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सिर्फ घोषणाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रही है और विकास के आंकड़े इसकी स्पष्ट गवाही देते हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि पंचायती राज से जुड़ी सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों, ताकि ग्रामीण जनता को विकास का सीधा और वास्तविक लाभ मिल सके।
