2800 ग्रेड पे की मांग पर राजस्व कर्मियों का धरना

भागलपुर।
राजस्व कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को भागलपुर जिले के विभिन्न अंचलों और प्रखंडों से पहुंचे राजस्व कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 1900 रुपये का ग्रेड पे मौजूदा महंगाई के दौर में नाकाफी है और इससे परिवार का भरण-पोषण कर पाना बेहद मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से ग्रेड पे को 2800 रुपये करने की मांग दोहराई और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना स्थल पर सुबह से ही कर्मचारियों का जुटान शुरू हो गया था। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में राजस्व कर्मी एकत्र हो गए और हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर अपनी मांगों को बुलंद किया। “1900 ग्रेड पे नहीं चलेगा”, “राजस्व कर्मियों को न्याय दो”, “2800 ग्रेड पे हमारा अधिकार है” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कर्मचारियों का कहना था कि वे प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है।

धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजस्व कर्मचारी भूमि सर्वेक्षण, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, आपदा राहत, निर्वाचन कार्य, जनगणना और सरकार की तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें सबसे कम ग्रेड पे पर काम करने को मजबूर किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से वेतन विसंगति को लेकर आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

 

कर्मचारियों का कहना था कि आज के समय में महंगाई चरम पर है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, मकान किराया और रोजमर्रा के खर्चों को देखते हुए 1900 रुपये का ग्रेड पे मजाक बनकर रह गया है। कई कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि सीमित वेतन के कारण उन्हें कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार राजस्व कर्मियों से काम तो उच्चस्तरीय लेती है, लेकिन वेतन और सुविधाओं के मामले में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि अन्य विभागों में समान कार्य के लिए अधिक ग्रेड पे दिया जा रहा है, जबकि राजस्व कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो राज्यव्यापी आंदोलन, कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जाएगा। धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, ठोस फैसला चाहिए।

धरने के कारण कुछ समय के लिए डीएम कार्यालय के आसपास प्रशासनिक हलचल भी देखी गई। हालांकि धरना शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कर्मचारियों की संख्या और उनके तेवर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आया। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

राजस्व कर्मचारियों ने राज्य सरकार से अपील की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, तो सबसे पहले जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधारनी होगी। सम्मानजनक वेतन के बिना कर्मचारी पूरी निष्ठा और मनोयोग से काम नहीं कर सकते।

धरना-प्रदर्शन में शामिल कई कर्मचारियों ने बताया कि वे वर्षों से पदोन्नति और वेतनमान की समस्या से जूझ रहे हैं। बार-बार ज्ञापन देने और आंदोलन करने के बावजूद सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिला है। कर्मचारियों ने कहा कि अब सब्र का बांध टूट चुका है और वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

स्थानीय कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल भागलपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार में राजस्व कर्मचारी एकजुट हो चुके हैं। आने वाले दिनों में जिला से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यदि समय रहते निर्णय नहीं लेती है, तो इसका असर राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर भी पड़ेगा।

कुल मिलाकर, भागलपुर में राजस्व कर्मचारियों का यह धरना सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि ग्रेड पे 2800 की मांग अब टाली नहीं जा सकती। कर्मचारी सम्मानजनक वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए एकजुट हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *