बिजली परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का आदेश

पटना।
बिहार में बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में दिनांक 6 फरवरी 2026 को ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित विद्युत शक्ति उपकेंद्रों, ऑफ-ग्रिड से ऑन-ग्रिड विद्युत कनेक्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिजली से जुड़ी सभी योजनाएं समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरी हों, ताकि आम उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों और कार्यरत एजेंसियों को किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की सख्त चेतावनी दी।
मार्च 2026 तक ‘सात निश्चय-2’ की सभी परियोजनाएं हों पूर्ण
बैठक में सबसे अहम निर्देश देते हुए श्री सिंह ने कहा कि ‘सात निश्चय-2’ के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं को मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है और इसके सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली ढांचे को मजबूती मिलेगी। किसी भी स्तर पर देरी को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कमिशनिंग से पूर्व SOP के अनुसार अनिवार्य जांच
ऊर्जा विभाग के सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना की कमिशनिंग से पहले मुख्यालय द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार तकनीकी और सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिना जांच के परियोजनाओं को चालू करना भविष्य में तकनीकी खराबी और दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यालय स्तर से होगी औचक जांच
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर औचक निरीक्षण कराए जाएंगे। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यरत एजेंसियों और अधिकारियों में जवाबदेही भी बढ़ेगी। श्री सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी और अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि कनेक्शन और सोलर पैनल के लिए लगाए जाएंगे कैंप
बैठक में ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ऊर्जा विभाग के सचिव ने निर्देश दिया कि कृषि विद्युत कनेक्शन के आवेदन प्राप्त करने तथा कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल अधिष्ठापन के लिए सहमति पत्र लेने हेतु सभी प्रमंडलों, अवर प्रमंडलों और सेक्शन स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। इससे किसानों और गरीब उपभोक्ताओं को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और योजनाओं का लाभ तेजी से जमीन पर पहुंचेगा।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर कोई समझौता नहीं
श्री मनोज कुमार सिंह ने सभी डेवलपर्स और कार्यरत एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली परियोजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा लाभ आम जनता को मिलना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया सामग्री या समयसीमा उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई तय है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार (भा.प्र.से.), नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (भा.प्र.से.) सहित ऊर्जा विभाग के कई वरीय पदाधिकारी और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े डेवलपर्स उपस्थित रहे। बैठक के दौरान परियोजना-वार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और आने वाली चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों के निर्माण से ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत होगा, वहीं ऑफ-ग्रिड से ऑन-ग्रिड कनेक्शन से अधिक से अधिक उपभोक्ता मुख्य विद्युत प्रणाली से जुड़ सकेंगे।

सुशासन और ऊर्जा सुरक्षा की ओर बढ़ता बिहार
बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि राज्य सरकार सुशासन, ऊर्जा सुरक्षा और सभी के लिए बिजली के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आरडीएसएस और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

कुल मिलाकर, ऊर्जा विभाग की यह समीक्षा बैठक न केवल परियोजनाओं की प्रगति को गति देने वाली साबित होगी, बल्कि इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि आम जनता को सस्ती, सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

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