एसएसपी-एएसपी ने किया रात्रि औचक निरीक्षण, गश्ती व्यवस्था परखी

भागलपुर।
शहर में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर एवं सहायक पुलिस अधीक्षक, भागलपुर द्वारा बुधवार देर रात विभिन्न थाना क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान डायल 112 की गश्ती गाड़ियों, थाना परिसरों और संतरी पोस्ट की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। पुलिस के इस अचानक निरीक्षण से महकमे में सतर्कता का माहौल देखने को मिला।
औचक निरीक्षण के क्रम में तिलका मांझी, जोगसर, ततारपुर, कोतवाली, मुजाहिदपुर, बरारी, बाइपास, जीरो माइल समेत कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील थाना क्षेत्रों को कवर किया गया। रात्रि गश्ती के दौरान एसएसपी और एएसपी स्वयं सड़कों पर निकले और यह परखा कि रात के समय पुलिस बल कितना मुस्तैद और सक्रिय है।
डायल 112 की गाड़ियों की स्थिति की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले डायल 112 सेवा की गाड़ियों की स्थिति की जांच की गई। अधिकारियों ने गाड़ियों की लोकेशन, मूवमेंट, उपकरणों की उपलब्धता और तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता का निरीक्षण किया। कई थाना क्षेत्रों में डायल 112 की गाड़ियां पूरी तरह अलर्ट मोड में पाई गईं। गाड़ियों में तैनात पुलिस पदाधिकारी और कर्मी सजग दिखे तथा कॉल रिस्पांस और गश्ती मार्ग की पूरी जानकारी रखते पाए गए।
एसएसपी ने मौके पर मौजूद पदाधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब भी किए और यह जाना कि किसी आपात स्थिति में कितनी देर में घटनास्थल तक पहुंचा जाता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि डायल 112 सेवा पुलिस की “रीढ़” है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थानों और संतरी पोस्ट का लिया गया जायजा
रात्रि निरीक्षण के क्रम में थाना परिसरों और संतरी पोस्ट की भी बारीकी से जांच की गई। कई थानों में संतरी पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी पूरी तरह चौकन्ने और मुस्तैद पाए गए। आगंतुक रजिस्टर, बंदोबस्ती व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी देखी गई।
कुछ थाना क्षेत्रों में मामूली कमियां भी सामने आईं, जैसे—गश्ती रूट की अपडेट जानकारी न होना, संतरी पोस्ट पर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता और ड्यूटी रोस्टर में सुधार। इन कमियों को लेकर एसएसपी ने संबंधित थानाध्यक्षों और पदाधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त संदेश
निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भागलपुर पुलिस को रात्रि में भी उतनी ही सतर्कता और सक्रियता से काम करना है जितना दिन में। उन्होंने कहा कि अपराधी अक्सर रात के अंधेरे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए पुलिस की मौजूदगी हर सड़क, हर चौक और हर संवेदनशील इलाके में दिखनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाया जाए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां चोरी, लूट, छिनतई और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें आती रही हैं। जीरो माइल, बाइपास और व्यस्त चौक-चौराहों पर विशेष निगरानी रखने का भी आदेश दिया गया।
पुलिसकर्मियों का बढ़ाया गया मनोबल
औचक निरीक्षण के दौरान एसएसपी और एएसपी ने केवल कमियों पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना भी की। जिन थाना क्षेत्रों में गश्ती व्यवस्था और संतरी पोस्ट पूरी तरह दुरुस्त पाई गई, वहां के पदाधिकारियों और कर्मियों की पीठ थपथपाई गई।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मियों का मनोबल ऊंचा रखना भी उतना ही जरूरी है जितना अनुशासन। उन्होंने आश्वस्त किया कि जो कर्मी ईमानदारी और निष्ठा से ड्यूटी करेंगे, उन्हें विभागीय स्तर पर पूरा सम्मान और सहयोग मिलेगा।
आम जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
रात्रि में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सड़कों पर सक्रिय देख आम नागरिकों में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की नियमित जांच से अपराध पर अंकुश लगेगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से न सिर्फ पुलिसकर्मी सतर्क रहते हैं, बल्कि अपराधियों में भी कानून का डर बना रहता है।
निरंतर जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
अंत में एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में रात्रि गश्ती को और मजबूत करें तथा डायल 112 सेवा के साथ बेहतर समन्वय बनाएं।
भागलपुर पुलिस का यह रात्रि औचक निरीक्षण यह संदेश देता है कि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर और सतर्क है। अपराध नियंत्रण की दिशा में यह कदम निश्चित रूप से प्रभावी साबित होगा।
